प्रसिद्ध गीतकार गोपालदास नीरज का निधन

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19 जुलाई 2018 को हिन्दी के प्रसिद्ध गीतकार एवं जाने माने साहित्यकार, पद्म भूषण सम्मानित कवि गोपालदास ‘नीरज’ का निरंतर स्वास्थय खराब होने के चलते निधन हो गया है। गोपालदास का निधन नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ। वे 93 वर्ष के थे ।

गोपाल दास का जन्म 4 जनवरी 1925 में उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1942 में मैट्रिक की परीक्षा एटा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। उन्होंने इटावा के कचहरी में कुछ समय तक टाइपिस्ट का काम किया। उसके बाद उन्हे सिनेमाघर की एक दुकान पर नौकरी मिल गई। इसके बाद नीरज ने दिल्ली के सफाई विभाग में लिपिक पर पर नौकरी की। वर्ष 1951 एवं 1953 में उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर में प्रथम श्रेणी में डिग्री हासिल की थी। उन्हे कवि सम्मेलनों में निरंतर प्रसिद्धि मिलती गई जिसके चलते वह मुम्बई चले गये और फिल्मों के लिए गाने लिखने का अवसर मिला। जिसके बाद से उन्होंने कई प्रसिद्ध फिल्मों के लिए गाने लिखे जिसमें ‘मेरा नाम जोकर’ शर्मीली एवं प्रेम पुजारी फिल्में शामिल हैं।

गोपाल दास ‘नीरज’ को वर्ष 1991 में भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया था, वर्ष 1994 में उन्हे यश भारतीय सम्मान एवं वर्ष 2007 में पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था। गोपाल दास को फिल्मों में शानदार गीत लिखने क लिए 70 के दशक में लगातार 3 फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। वे गद्य, पद्य एवं गीत सभी प्रकार की विधाओं के श्रेष्ठ रचनाकार थे।

गोपाल दास ने कई कृतियों की रचनाएं की जिसमें -बादर बरस गयो, आसावरी, कारवां गुजर गया, नीरज की कविताएं इत्यादि प्रमुख हैं।