प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर से ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ का शुभारंभ किया है। यह योजना असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों और मजदूरों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की घोषणा फरवरी 2019 में अंतरिम बजट में की गई थी।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 3 हजार रूपये मासिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। इस योजना का लाभ देश के लगभग 10 असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रूपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की।

इस योजना का लाभ रिक्शा चलाने वाले, फेरी लगाने वाले, दिहाड़ी एवं मंजदूरी करने वाले, घरों में काम करने वाली औरतें इत्यादि असंगठित क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाले मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जायेगा।

योजना से संबंधित प्रमुख तथ्यः

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अनुसार 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के कामगार इस योजना हेतु पंजीकरण करवा सकते हैं। जिसमें 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी को 3 हजार रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जायेगा।

इस योजना का लाभ सिर्फ उन मजदूरों को मिलेगा जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपये से कम है। इस योजना का लाभ उठाने हेतु कई दिशा निर्देश भी दिये गये हैं।

अगर कोई व्यक्ति 18 वर्ष की आयु में इस योजना के तहत पंजीकरण करवाता है तो उसे प्रतिमाह 55 रूपये भरने होंगे जबकि यदि कोई 40 वर्ष की आयु में पंजीकरण करवाता है तो उसे 200 रूपये प्रतिमाह भरना होगा।

29 वर्ष की आयु वालों को इस योजना का लाभ उठाने हेतु महज 100 रूपये प्रतिमाह भरना होगा। बता दें कि यह रकम 60 वर्ष की आयु तक देनी होगी।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकृत मजदूरों को हर माह निश्चित राशि का प्रीमियम देना होगा। जितना प्रीमियम होगा उतना रूपये की सब्सिडी सरकार की तरफ से प्रदान की जायेगी।

इस योजना का लाभ किसी भी प्रकार के सरकार कर्मचारी हो या प्राइवेट कर्मचारी हो को नहीं मिलेगा जिनकी आय 15 हजार रूपये से अधिक है तथा उनका पीएफ खाता है। इस योजना का लाभ आयकर भरने वाले भी नहीं उठा सकेगें।

इस योजना का लाभ उठाने वाले व्यक्ति के पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना अत्यधिक आवश्यक है। सरकार इस योजना हेतु एक पेंशन फंड बनाएगी जिसके बाद इस फंड के माध्यम से ही पेंशन प्रदान की जायेगी।

यदि कोई कामगर या पंजीकृत मजदूर की योजना के अन्तर्गत मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी उस योजना को आगे चालू रख सकती है और उसका लाभ उसे मिलेगा या यदि कोई बीच में ही इस योजना को बंद करना चाहता है तो कामगर द्वारा जमा की गई कुल राशि ब्याज सहित वापस कर दी जायेगी।

यदि किसी कामगर की पेंशन शुरू हो गई है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके पति या पत्नी को उसकी पेंशन का 50 फीसदी रकम प्रदान किया जायेगा।