प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर 2017 को केदारनाथ मंदिर में पहुंचे जहां उन्होंने पूजा अर्चना के बाद तीर्थस्थल के विकास के लिए पांच परियोजनाओं की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वे उत्तराखंड में विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। उन्होंने उत्तराखंड को ऑर्गेनिक खेती वाला राज्य बनाने की भी घोषणा की।

परियोजनाएं:

  •  गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक मार्ग का चौड़ाईकरण होगा। मार्ग का निर्माण आरसीसी से किया जायेगा।
  • श्रद्धालुओं को केदारनाथ की महिमा बताई जाएगी तथा मंदिर तक भव्य निर्माण किये जायेंगे।
  • मंदाकिनी घाट का निर्माण कार्य आरंभ किया जायेगा। मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम पर घाट का निर्माण किया जाएगा।
  • केदारनाथ के पुरोहितों को 24 घंटे बिजली-पानी मिलेगी और स्वच्छता का पूर्ण प्रबंध होगा।
  • वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि का जीर्णोद्वार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि मैं सभी सरकारों, उद्योग जगत के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस काम में साथ आएं। मोदी ने कहा कि मेरे यहां आने का मकसद था कि लोग पुराने हादसे को भूलकर यहां पर आने की शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं में पर्यावरण के सभी नियमों का ध्यान रखा जाएगा।

केदारनाथ मन्दिर:

 

केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्‍तराखण्‍ड राज्‍य के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ मन्दिर बारह ज्यो्तिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। 

कत्यूरी शैली(पत्‍थरों से बने) से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पांडव वंश के जनमेजय ने कराया था। यह मन्दिर एक छह फीट ऊँचे चौकोर चबूतरे पर बना हुआ है। मन्दिर का निर्माण किसने कराया, इसका कोई प्रामाणिक उल्लेख नहीं मिलता है, लेकिन हाँ ऐसा भी कहा जाता है कि इसकी स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी।

जून 2013 के दौरान भारत के उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश राज्यों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण केदारनाथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा। मंदिर की दीवारें गिर गई और बाढ़ में बह गयी। इस ऐतिहासिक मन्दिर का मुख्य हिस्सा और सदियों पुराना गुंबद सुरक्षित रहे लेकिन मन्दिर का प्रवेश द्वार और उसके आस-पास का इलाका पूरी तरह तबाह हो गया।