प्रथम एसडीजी लैंगिक सूचकांक में भारत की 95वीं रैंकिंग

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प्रथम एसडीजी जेंडर इंडेक्स में विश्व के 129 देशों में भारत को 95वीं रैंकिंग प्राप्त हुयी है। भारत ने सर्वाधिक स्कोर स्वास्थ्य (79.9), भूख एवं पोषण (76.2) व ऊर्जा (71.8) में हासिल किया है जबकि सबसे कम स्कोर साझेदारी (18.3), उद्योग, अवसंरचना व इनोवेशन (38.1) में प्राप्त किया है। भारत का कुल स्कोर 56.2 है जो वैश्विक स्कोर से भी कम है।

मुख्य बिंदु:

  • यह सूचकांक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में लैंगिक प्रतिबद्धता की दिशा में किए गए प्रयास का मापन करता है।
  • यह सूचकांक इक्वेल मीजर्स 2030 द्वारा विकसित किया गया है।
  • इस सूचकांक के अनुसार विश्व के किसी भी देश ने लैंगिक समानता के वादे को पूरी तरह नहीं निभाया है और इस मामले में वैश्विक स्कोर 100 में से 65.7 है जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
  • इस सूचकांक में सतत विकास लक्ष्य के 17 लक्ष्यों में से 14 में प्रदर्शन का मापन किया गया है।
  • इसका यह मतलब है कि विश्व के 1.4 अरब यानी विश्व की लड़कियों एवं महिलाओं का 40 प्रतिशत ऐसे देशों में रह रही हैं जहां लैंगिक समानता कम हो रही है।

ध्यान देने योग्य है कि सूचकांक में डेनमार्क, फिनलैंड, स्वीडेन, नॉर्वे एवं नीदरलैंड सर्वोच्च पांच स्थान पर हैं। डेनमार्क का स्कोर 89.3 है। सियरा लियोन, लाइबेरिया, नाइजीरिया, माली निम्नतम रैंकिंग वाले देश हैं।