प्रणब मुखर्जी की आत्मकथा ‘द कोअलिशन ईयर्स 1996-2012’ लांच

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी नवीनतम किताब ‘द कोअलिशन इयर्स 1996-2012’ में लिखा है कि उन्हें दो बार प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने की उम्मीद थी। पहले 2004 में जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सत्ता में आया और दूसरी बार 2012 राष्ट्रपति चुनाव से पहले। इस किताब को रूपा पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित किया गया है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता मुखर्जी ने कहा कि जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद के लिए मनमोहन सिंह को अपनी पसंद बताया तब वह वास्तव में सिंह के अधीन एक कैबिनेट मंत्री के रूप में सरकार में शामिल होने के लिए अनिच्छुक थे क्योंकि इंदिरा गांधी के समय में मुखर्जी वित्त मंत्री थे और उस समय सिंह उनके जूनियर थे।

किताब में उन्‍होने ने लिखा है कि ‘एक मजबूत राष्ट्रवादी, साहसी और दृढ़ विश्वास वाले व्यक्ति, मनमोहन सिंह निश्चित रूप से एक ‘आकस्मिक प्रधानमंत्री’ नहीं थे। मुझे विश्वास है कि भविष्य मनमोहन सिंह को एक अलग प्रकाश में देखेगा, जैसे (पूर्व प्रधानमंत्री) पी. वी. (नरसिंह राव) का आज के समय में मूल्यांकन किया जाता है।

मुखर्जी ने अध्याय ‘फर्स्ट फुल टर्म नॉन कांग्रेस गवर्नमेंट‘ में गोधरा हत्‍याकांड का भी उल्‍लेख किया है।

प्रणब मुखर्जी:

  • प्रणव मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में किरनाहर शहर के निकट स्थित मिराती गाँव के एक ब्राह्मण परिवार में कामदा किंकर मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी के यहाँ हुआ था।
  • प्रणब मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 को भारत के तेरहवें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। 
  • सन 1991 से 1996 तक वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आसीन रहे। 
  • 24 अक्टूबर 2006 को  उन्हें भारत का विदेश मन्त्री नियुक्त किया गया 
  • सन 2007 में उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। 
  • यूरोमनी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 1984 में दुनिया के पाँच सर्वोत्तम वित्त मन्त्रियों में से एक प्रणव मुखर्जी भी थे। 
  • उन्हें सन् 1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवार्ड मिला।