पोलैंड की ओल्गा टोकर्कज़ुक को मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार

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पोलैंड की साहित्यकार ओल्गा टोकर्कज़ुक ने 22 मई 2018 को प्रतिष्ठित मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार जीता। उन्हें यह पुरस्कार उनके फिक्शन उपन्यास ‘फ्लाइट्स’ के लिए दिया गया।

‘फ्लाइट्स’ के साथ कुछ अन्य उपन्यास भी पुरस्कार की दौड़ में शामिल थे लेकिन ओल्गा ने सभी को पीछे छोड़ते हुए पुरस्कार हासिल किया। मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार के लिए नामांकित उपन्यासों में इराकी लेखक अहमद सदावी की हॉरर कहानी फ्रैंकइंस्टीन इन बगदाद तथा दक्षिण कोरिया के लेखक हान कांग के उपन्यास ‘द वाइट बुक शामिल थे।

टोकर्कज़ुक का उपन्यास 17वीं शताब्दी के रचनात्मकता की कहानी के साथ आधुनिक-दिन की कथा यात्रा को जोड़ता है, जिसमें एक शरीररचना-वैज्ञानिक स्वयं अपनी विकलांग टांग को पृथक कर देता है तथा साथ ही संगीतकार फ्रेडरिक चोपिन की पेरिस से वॉरसॉ की यात्रा को प्रदर्शित करता है।

पिछले साल लघु कथाओं के प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक जार्ज सॉन्डर्स को लिंकन इन द बाडरे के लिए फिक्शन श्रेणी में वर्ष 2017 के मैन बुकर पुरस्कार से नवाजा गया था। इस उपन्यास में अब्राहम लिंकन के उस दर्द को बयान किया गया है जो उन्हें उनके युवा पुत्र के निधन पर हुआ था।

मैन बुकर प्राइज देने की शुरुआत साल 1969 में हुई थी। इसमें विजयी लेखक को 60 हजार पाउंड की राशि दी जाती है। मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार पाठकों को बेहतरीन किताबों को पुरस्कृत करता है। इस पुरस्कार को अब तक चार भारतीय लेखक अरविंद अडिगा, किरण देसाई, अरुंधति रॉय और सलमान रुश्दी जीत चुके हैं।