पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय की व्‍यापक योजना ‘ओ-स्‍मार्ट’ को मंजूरी

0
155

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 29 अगस्त 2018 को पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय की व्‍यापक योजना ‘ओ-स्‍मार्ट’ को मंजूरी दी। 1623 करोड़ रुपये की कुल लागत की यह योजना 2017-18 से 2019-20 की अवधि के दौरान लागू रहेगी। इस येाजना में महासागर विकास से जुड़ी 16 उप-परियोजनाओं जैसे – सेवाएं, प्रौद्योगिकी, संसाधन, प्रेषण और विज्ञान कोशामिल किया गया है।

‘ओ-स्‍मार्ट’ का पूरा नाम Ocean Services, Technology, Observations, Resources Modelling and Science: O-SMART (‘महासागरीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, निगरानी, संसाधन प्रतिरूपण और विज्ञान) है।

ओ-स्‍मार्ट के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं से तटीय और महासागरीय क्षेत्रों के अनेक क्षेत्रों जैसे – मत्‍स्‍य पालन, समुद्र तटीय उद्योग, तटीय राज्‍यों, रक्षा, नौवहन, बंदरगाहों आदि को आर्थिक लाभ मिलेगा। वर्तमान में पांच लाख मछुआरों को मोबाइल के जरिए रोजाना सूचना मिलती है, जिसमें मछली मिलने की संभावनाएं और समुद्र तट में स्‍थानीय मौसम की स्थिति की जानकारी शामिल है। इससे मछुआरों का तलाशी वाला समय बचेगा जिसके परिणाम स्‍वरूप ईंधन की बचत होगी। ओ-स्‍मार्ट के कार्यान्‍वयन से सतत विकास लक्ष्‍य -14 से जुड़े मुद्दों के समाधान में मदद मिलेगी, जिनका उद्देश्‍य महासागरों के इस्‍तेमाल, निरंतर विकास के समुद्री संसाधनों का संरक्षण करना है।

लाभ:

  • यह योजना (ओ-स्‍मार्ट) नीली अर्थव्‍यवस्‍था (Blue Economy) के विभिन्‍न पहलुओं के कार्यान्‍वयन के लिए आवश्‍यक वैज्ञानिक और तकनीकी पृष्‍ठभूमि प्रदान करेगी।
  • ओ-स्‍मार्ट योजना के अंतर्गत स्‍थापित आधुनिक पूर्व चेतावनी प्रणालियां, सुनामी, झंझावात जैसी समुद्री आपदाओं से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद करेंगी।
  • इस योजना के अंतर्गत विकसित प्रौद्योगिकियां भारत के आस-पास के समुद्रों से विशाल समुद्री सजीव और निर्जीव संसाधनों को उपयोग में लाने में मदद करेंगी।