पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन

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भारत के दसवें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त, 2018 को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में 5 बजकर पांच मिनट पर निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। वाजपेयी डिमेंशिया (मनोभ्रांस ) नाम की बीमारी से लंबे समय से पीड़ित थे। उनके जन्मदिन 25 दिसंबर को ‘गुड गवर्नेंस डे’ के तौर पर मनाया जाता है।

वाजपेयी कई हफ्तों से एम्स में भर्ती थे जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। किडनी में संक्रमण, छाती में संकुचन और मूत्रनली में संक्रमण के चलते पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता को 11 जून को भर्ती कराया गया था। 

अटल बिहारी वाजपेयी:

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। इनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी तथा माता का नाम कृष्णा वाजपेयी था। वे आजीवन अविवाहित रहे।

बीजेपी के संस्थापकों में शामिल वाजपेयी 1996 से 1999 के बीच तीन बार पीएम चुने गए। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीने तक चली। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया। 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वह पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। वह 10 बार लोकसभा के लिए और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए। सर्वतोमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यों के लिये 2014 दिसंबर में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी का कार्यकाल अविस्मरणीय है:

  • अटल सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। 
  • 19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की गई।
  • भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नईव मुम्बई को राजमार्ग से जोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था।
  • एक सौ साल से भी ज्यादा पुराने कावेरी जल विवाद को सुलझाया।
  • संरचनात्मक ढाँचे के लिये कार्यदल, सॉफ्टवेयर विकास के लिये सूचना एवं प्रौद्योगिकी कार्यदल, विद्युतीकरण में गति लाने के लिये केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग आदि का गठन किया।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों एवं हवाई अड्डों का विकास; नई टेलीकॉम नीति तथा कोकण रेलवे की शुरुआत करके बुनियादी संरचनात्मक ढाँचे को मजबूत करने वाले कदम उठाये।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, आर्थिक सलाह समिति, व्यापार एवं उद्योग समिति भी गठित कीं।
  • आवश्यक उपभोक्ता सामग्रियों की कीमतें नियन्त्रित करने के लिये मुख्यमन्त्रियों का सम्मेलन बुलाया।
  • उड़ीसा के सर्वाधिक गरीब क्षेत्र के लिये सात सूत्रीय गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया।
  • आवास निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए अर्बन सीलिंग एक्ट समाप्त किया।
  • ग्रामीण रोजगार सृजन एवं विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिये बीमा योजना शुरू की।
  • सरकारी खर्चे पर रोजा इफ़्तार शुरू किया

अटल जी की प्रमुख रचनायें:

अटल जी राजनीतिज्ञ साथ-साथ अच्छे कवी भी थे।

  • मृत्यु या हत्या
  • अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह)
  • कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
  • संसद में तीन दशक
  • अमर आग है
  • कुछ लेख: कुछ भाषण
  • सेक्युलर वाद
  • राजनीति की रपटीली राहें
  • बिन्दु बिन्दु विचार
  • मेरी इक्यावन कविताएँ, इत्यादि।