पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना

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भारत के जम्मू कश्मीर राज्य के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आत्मघाती आतंकी हमले के विरोध में भारत ने 15 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस ले लिया है। 

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलावा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमले में मीडिया के अनुसार शहीद होने वाले जवानों की संख्या 44 हो गई है। सीआरपीफ की करीब 70 वाहनों का काफिला जिसमें 2547 जवानों को लेकर जा रहा था। सीआरपीएफ के काफिले से टकराने वाली एसयूव में 350 किग्रा आईईडी विस्फोटक सामग्री थी। रिपोर्ट्स के अनुसार पुलवामा आतंकी हमला अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है जो भारतीय सेना पर किया गया है। यह हमला उरी हमले से भी बड़ा माना जा रहा है। यह हमला श्रीनगर से 20 किमी दूरी पर हुआ है।

इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा तीनों सेना अध्यक्षों और सीआरपीएफ के डीजी सहित भारत के कई सुरक्षा अधिकारी भी शामिल रहे। इस बैठक के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग किया जायेगा और भारत को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी वापिस लिया जाता है।

मोस्ट फेवर्ड देश:

01 जनवरी 1995 में भारत विश्व व्यापार संगठन का स्थाई सदस्य बना था। विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनने के एक वर्ष बाद भारत ने पाकिस्तान को वर्ष 1996 में मोस्ट फेवर्ड देश का दर्जा प्रदान किया था। परन्तु पाकिस्तान ने भारत को इस प्रकार का कोई भी दर्जा नहीं दिया।

यह दर्जा जिस देश को प्रदान किया जाता है उसे आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिलती है। जो देश यह दर्जा देता और जिसे दिया जाता है दोनों के मध्य कम आयात शुल्क पर करोबार होता है।

विश्व व्यापार संगठन के आर्टिकल 21बी के तहत कोई भी देश उस सूरत में किसी देश से मोस्ट फेवर्ड देश का दर्जा छीन सकता है या वापस ले सकता है जब दोनों देशों के मध्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विवाद उठ गया हो। हालांकि मोस्ट फेवर्ड देश का दर्जा वापस लेने के लिए कई शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।