पाकिस्तान ने आई एम एफ से ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये

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12 मई 2019 को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हुआ है। जिसमें आईएमएफ ने नकदी की तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान राष्ट्र को 6 बिलियन डॉलर ऋण की सहायता प्रदान करने की सहमति व्यक्त की है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर के अचानक इस्तीफे के बाद, विश्व बैंक के पूर्व अधिकारी शेख को पाकिस्तान के वित्त सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने के हफ्तों बाद यह समझौता हुआ है।

इस ऋण सौदे का उद्देश्य आंतरिक और बाह्य असंतुलन को कम करके, कारोबारी माहौल में सुधार, पारदर्शिता को बढ़ाना, संस्थानों को मजबूत करना और सामाजिक खर्चों की रक्षा के द्वारा अधिक संतुलित विकास को सक्षम करने के लिए पाकिस्तान की रणनीति का समर्थन करना है।

10 मई को प्रकाशित एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की विकास दर आठ साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. देश की जीडीपी दर 6.2 प्रतिशत के अनुमानित लक्ष्य के मुकाबले 3.3 प्रतिशत तक डूबने की संभावना है।

ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान 1950 में आईएमएफ में शामिल हुआ था।