पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के प्रस्ताव को विधानसभा में मंजूरी

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26 जुलाई 2018 को पश्चिम बंगाल की विधानसभा में राज्य का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। गौरतलब है कि पूर्ण रूप से मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय के पास भेजा गया हैं यदि इस प्रस्ताव को केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी कर दिया जाता है तभी पश्चिम बंगाल का नाम बदला जायेगा।

इस प्रस्ताव पर केन्द्र और राज्य के मध्य कोई फासला न आने के बाद से राज्य का नाम परिवर्तन करने हेतु मसला उठाया गया है। इससे पूर्व केन्द्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार के उस विधयेक को खारिज कर दिया था जिसमें पश्चिम बंगाल को अंग्रेजी मे बंगाल और बंगाली में बांग्ला करने की सिफारिश की गई थी।

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य का नामक तीन भाषाओं बांग्ला, हिन्दी और अंग्रेजी में अलग-अलग करने के फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के पास भेजा जायेगा।

पश्चिम बंगाल का नाम बदले के पीछे कोई ठोस वजह नहीं हैं परन्तु जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आयी थी तो राज्य का नाम बदलकर पंश्चिम बांगो करने का फैसला लिया था जिसकी मंजूरी केन्द्र सरकार ने नहीं थी। पश्चिम बंगाल सरकार राज्य नाम इसलिए भी बदलना चाहती है कि जब भी राज्य सरकारों के बैठक होती है तो पश्चिम बंगाल का नाम आखिर में आता है।