परमाणु पनडुब्बी अरिहंत ने पहला गश्ती अभियान पूरा किया

0
85

भारत की सामरिक परमाणु पनडुब्बी अर्थात् न्यूक्लियर पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत ने 05 नवंबर 2018 को अपना पहला गश्ती अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस गश्ती अभियान के दौरान अरिहंत की टीम ने एक महीने तक इसकी मारक क्षमता का सफल अभ्यास किया। अरिहंत की इस वापसी से भारत का परमाणु त्रिभुज पूरा हो गया है।

आईएनएस अरिहंत की इस सफलता के बाद अब जमीन और हवा से परमाणु हमला करने में सक्षम होने के बाद भारत अब समुद्र से भी परमाणु हमला करने में सक्षम देश बन गया है। इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने वाला भारत दुनिया का छठां देश है।अमेरिका, रुस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस के बाद भारत ऩाभिकीय त्रिकोण पूरा करने वाली छठी महाशक्ति बन गया है।

छह हजार टन वजनी अरिहंत में 750 किलोमीटर से लेकर 3500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली मिसाइलें तैनात हैं। इससे पानी के भीतर और पानी की सतह से परमाणु मिसाइल दागी जा सकती हैं। इससे पानी के अंदर से किसी विमान को भी निशाना बनाया जा सकता है।

ध्यान देने योग्य है कि अरिहंत का जलावतरण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर द्वारा 26 जुलाई 2009 को किया गया था। यह दिन इसलिये भी चुना गया क्योंकि यह कारगिल युद्ध में विजय की सालगिरह भी थी और इस दिन को कारगिल विजय दिवस या विजय दिवस रूप में मनाया जाता है।