नीति आयोग ने ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ रिपोर्ट जारी की

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9 फरवरी 2018 को नीति आयोग ने ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट देश की राजधानी नई दिल्ली में जारी की। यह अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है जिसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्वास्थ्य व्यवस्था का विश्लेषण किया गया है। इस रिपोर्ट को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व बैंक के तकनीक सहयोग से तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य सूचकांक एक समग्र भारत सूचकांक (वेइटेड कम्पोजिट इंडेक्स) है, जोकि बड़े राज्यों के लिए, तीन डोमेन में संकेतकों पर आधारित है:

  1. स्वास्थ्य परिणाम (70%)
  2. शासन और सूचना (12%)
  3. की इनपुट्स एंड प्रोसेसेस (18%)।

राज्यों के हेल्थ इंडेक्स तैयार करने के दौरान कई मानकों को आधार माना गया है। शिशु मृत्यु दर, नवजात बच्चों का वजन, जन्म के वक्त लिंगानुपात, टीकाकरण, संस्थानिक प्रसव, टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन रेट, मरीजों के उपचार, स्वास्थ्य क्षेत्र में तैनात कर्मियों की स्थिति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे कई मानक है, जिनके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है। छोटे राज्यों और बड़े राज्यों को अलग – अलग रैकिंग जारी की गयी है।

  • हेल्थ इंडेक्स में ओवरऑल परफॉरमेंस के लिए केरल को सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। वहीं पंजाब दूसरे नंबर पर और तामिलनाडु तीसरे नंबर पर है।
  • वहीं तीन छोटे राज्य मिजोरम, मणिपुर और मेघालय स्वास्थ्य सेवा के मामले में सबसे अव्वल हैं।
  • वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन के मामले में झारखंड, जम्मू और कश्मीर, और उत्तर प्रदेश शीर्ष तीन रैंकिंग राज्य हैं। तरक्की करने वाले राज्यों में झारखंड 6.87 प्वाइंट की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा सुधार किया है।
  • हेल्थ इंडेक्स में सुधार करने वाले राज्यों में बिहार का स्थान चौथे नंबर पर है। मध्य प्रदेश, असम, तेलांगना, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा में मामूली सुधार दिखे हैं। जिन राज्यों में सुधार दर्ज नहीं किये गये हैं उनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और हरियाणा शामिल है।