नीति आयोग के ‘भारत नवाचार सूचकांक 2019′ में कर्नाटक अव्‍वल

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नी‍ति आयोग ने ज्ञान साझेदार के रूप में प्रतिस्‍पर्धी क्षमता के लिए संस्‍थान (इंस्‍टीट्यूट फॉर कम्पीटिटिवनेस) के साथ मिलकर 17 अक्टूबर 2019 को ‘भारत नवाचार सूचकांक (III) 2019’  (India Innovation Index) जारी किया। कर्नाटक भारत में सर्वाधिक अभिनव प्रमुख राज्‍य है। इस दृष्टि से शेष शीर्ष 10 प्रमुख राज्‍यों में क्रमश: तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और आंध्र प्रदेश हैं।

शीर्ष 10 प्रमुख राज्‍य मुख्‍यत: दक्षिण एवं पश्चिम भारत में केंद्रित हैं। सिक्किम और दिल्‍ली क्रमश: पूर्वोत्‍तर एवं पहाड़ी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों/सिटी राज्‍यों/छोटे राज्‍यों में शीर्ष स्‍थान पर हैं। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश कच्‍चे माल को उत्‍पादों में तब्‍दील करने के मामले में सर्वाधिक दक्ष राज्‍य हैं।

इस अध्‍ययन में भारत के राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नवाचार परिवेश पर गौर किया गया है। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य एक ऐसा समग्र टूल या साधन बनाना है जिसका उपयोग देश भर के नीति निर्माता उन चुनौतियों की पहचान करने में कर सकते हैं जिनका सामना किया जाना है। इसके साथ ही इस टूल या साधन का उपयोग देश भर के नीति निर्माता अपने-अपने क्षेत्रों में आर्थिक विकास नीतियों को तैयार करते वक्‍त विभिन्‍न ताकतों को सुदृढ़ करने में कर सकते हैं। राज्‍यों को इन तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: प्रमुख राज्य, पूर्वोत्‍तर एवं पहाड़ी राज्य, और केंद्र शासित प्रदेश/सिटी राज्य/छोटे राज्य।

यह सूचकांक दो पहलुओं में प्राप्त स्कोर की गणना के आधार पर तैयार किया गया है। ये दो पहलू हैंः संबलता (इनेब्लर) व प्रदर्शन (परफॉर्मेंस)।

  1. संबलता के पांच स्तंभ हैंः मानव पूंजी, निवेश, ज्ञानी कार्मिक, व्यावसायिक माहौल व सुरक्षा तथा विधिक माहौल।
  2. प्रदर्शन के दो स्तंभ हैंः ज्ञान निषपादन व ज्ञान प्रसार।