निकोलस मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने

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वेनेजुएला के वर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 21 मई 2018 को एक बार फिर से राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उनके प्रतिद्वंद्वियों ने इस चुनाव को खारिज करते हुए मांग की है कि इस वर्ष के अंत में फिर से चुनाव कराए जाएं।

राष्ट्रीय चुनाव परिषद की प्रमुख टी. लुसेना ने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति चुनाव में मात्र 46.1 फीसदी मतदान हुआ है जो पिछली बार वर्ष 2013 के चुनाव 80 फीसदी मतदान से बहुत कम है। वेनेजुएला के मुख्य विपक्षी दल ने इस राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार किया था। जिसके चलते मतदान प्रतिशत में कमी दर्ज की गई है।

निकोलस मदुरो को इन चुनावों में कुल 58 लाख वोट मिले हैं जबकि राष्ट्रपति पद के दूसरे उम्मीदार हेनरी फाल्कोन को मात्र 18 लाख वोट मिले हैं। चुनाव नतीजों के उपरान्त राष्ट्रपति पद के चुनाव का बहिष्कार करने वाली मुख्य विपक्षी दल ने निकोलस मदुरो को चुनौती देने वाले दो उम्मीदवारों से कहा था कि वे नतीजों को खारिज कर दें। क्योंकि उनका मानना है कि यह चुनाव एक धोखा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति चुनाव पर अनियमितता और बड़े पैमाने पर हिंसा के आरोप लगे हैं।

निकोलस मदुरो यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला के प्रमुख नेता हैं। वे वर्ष 2007 से पहले फिफ्थ रिपब्लिक मूवमेंट के सदस्य भी थे। निकोलस मदुरो ने इससे पहले देश के उपराष्ट्रपति का पदभार भी संभाला है। वे वर्ष 2006 में वेनेजुएला के विदेश मंत्री भी रहे। वे वेनेजुएला के इतिहास के ऐसे शख्स हैं जिन्होंने लातिन अमेरिकी देशों में 21वीं शताब्दी के सबसे शानदार और करिश्माई नेता उगो शावेज की जगह ली।