नासा ने ‘मार्स इनसाइट लैंडर’ को मंगल पर उतारा

0
122

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा प्रक्षेपित इनसाइट मिशन 26 नवंबर, 2018 को मंगल ग्रह पर उतरा। इनसाइट मिशन का लैंडर इलिसियम प्लैंटिया (Elysium Planitia) नामक लावा पर उतरा जो मंगल ग्रह की विषुवत रेखा के पश्चिम में स्थित है। इस मिशन को 5 मई, 2018 को कैलिफोर्निया से प्रक्षेपित किया गया था।

इस यान का पूरा नाम है ‘इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सिस्टम इन्वेस्टिगेशंस’ है तथा इसका वजन 358 किग्रा है। इसका निर्माण 26 महीनें के संचालन के लिए किया गया है यह बैटरी और सौर दोनो प्रकार की ऊर्जाओं से चलने वाला है। इस यान के निर्माण में लगभग 70 अरब रूपये खर्च आया है। इस मिशन में कई देश शामिल हैं जिसमें यूएस, जर्मनी, फ्रांस  और यूरोप समेत 10 से ज्यादा देश शामिल हैं। इस यान की मंगल ग्रह में प्रवेश के दौरान अनुमानित गति 12,300 मील प्रति घंटा रही।

इस यान का प्रमुख उपकरण सिस्मोमीटर (भूकंपमापी यंत्र) है जिसका निर्माण फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी ने किया है। यह यान लैंडिंग के बाद ‘रोबोटिक आर्म’ सतह पर सेस्मोमीटर लगायेगा। सिस्मोमीटर के अलावा दूसरा उपकरण सेल्फ हैमरिंग है जो ग्रह की सतह में ऊष्मा के प्रवाह को दर्ज करेगा।

इस मिशन का उद्देश्य अगले दो वर्षों तक मंगल ग्रह की आंतरिक संरचना का अध्ययन करना है ताकि पृथ्वी सदृश चट्टानी ग्रहों के निर्माण को समझा जा सके। इस यान के माध्यम से यह पता लगाने मे आसानी होगी की मंगल ग्रह का निर्माण कैसे हुआ और यह पृथ्वी से अलग क्यों हैं। इनसाइट प्रोजेक्ट के प्रमुख वैज्ञानिक ब्रूस बैनर्ट ने कहा कि यह परियोजना एक टाइम मशीन की तरह है जो यह पता लगायेगी कि 4.5 अरब साल पहले मंगल, धरती और चंद्रमा जैसे पथरीले ग्रह कैसे बनें।