नासा ने मंगल ग्रह के अध्ययन हेतु ‘इनसाइट मिशन’ लॉन्च किया

0
24

मंगल ग्रह के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त करने तथा उसकी संरचना को अधिक बेहतर तरीके से समझने के लिये अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह पर ‘इनसाइट’ (Interior Exploration using Seismic Investigations, Geodesy and Heat Transport mission – Insight) नामक एक नया मिशन लॉन्च किया। इसे 5 मई, 2018 को लॉन्च किया जाएगा। यह अपनी तरह का पहला ऐसा यान होगा जो मंगल के आंतरिक हिस्सों के विषय में गहराई से जाँच करेगा।

नासा के अनुसार, इनसाइट एक प्रकार का लैंडर है जो मंगल की सतह पर उतरेगा। यह एक प्रकार से वैज्ञानिक टाइम मशीन है। इनसाइट या इंटीरियर एक्सप्लोरेशन में आँकड़ों के संग्रहण के लिये कई प्रकार के संवदेनशील उपकरणों को स्थापित किया गया है। इसमें मंगल ग्रह पर भूकंप की जाँच हेतु अति संवेदनशील सिस्मोमीटर (seismometer) लगाया गया है। इस सिस्मोमीटर को फ्राँस के नेशनल स्पेस सेंटर द्वारा तैयार किया गया है।

यह 4.5 अरब साल पहले हुई मंगल की उत्पत्ति की प्रारंभिक अवस्था के बारे में जानकारी प्रदत्त करेगा। इससे हमें धरती और चंद्रमा समेत सौर मंडलों के दूसरे ग्रहों की चट्टान संरचना के निर्माण के विषय में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

इसकी सहायता से वैज्ञानिक यह जान सकेंगे कि किस तरह से मंगल की बाहरी परतों एवं इसके आतंरिक भाग की संरचना पृथ्वी की संरचना से भिन्न है? इस वैज्ञानिक शोध में मंगल ग्रह के धरातल पर होने वाली हलचल, भूकंप आदि की भी गहराई से जांच की जाएगी।

मंगल ग्रह:

  • मंगल सौरमंडल में सूर्य से चौथा गृह है। पृथ्वी से इसकी आभा रक्तिम दिखती है, इसीलिये इसे लाल ग्रह भी कहा जाता है।
  • सौरमंडल के ग्रह दो प्रकार के होते हैं: स्थलीय ग्रह जिनमें धरातल होता है और गैसीय ग्रह जिनमें अधिकतर गैस ही होती है। पृथ्वी की तरह, मंगल भी एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है जिसका वातावरण विरल है।
  • हमारे सौरमंडल का सबसे ऊँचा पर्वत ओलम्पस मोन्स मंगल पर ही स्थित है और विशालतम कैनियन वेलेस मैरीनेरिस भी यहीं पर स्थित है।
  • अपनी भौगोलिक विशेषताओं के अलावा, मंगल का घूर्णन काल और जलवायु चक्र पृथ्वी के समान है।
  • मंगल के दो चंद्रमा हैं- फोबोस और डिमोज, जो छोटे और अनियमित आकार के हैं।

नासा(NASA):

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए उत्तरदायी है। नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में इसके पूर्वाधिकारी संस्था, नैशनल एडवाइज़री कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनसीए) के स्थान पर किया गया था। इस संस्था ने 01 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया।