नवंबर समसामयिकी : भाग 3

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इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सारांश सम्मिलित किया जा रहा है। अपनी परीक्षा की तैयारी हेतु इसका ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

1. विलर्स गुस्लेन में भारतीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन हुआ:

उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू ने प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर पेरिस के विलर्स गुस्लेन में भारतीय युद्ध स्मारक का अनावरण किया। विलर्स गुइस्लेन पेरिस से 200 किलोमीटर दूर है।

प्रथम विश्व युद्ध में फ्रांस की स्वतंत्रता में भारतीय सैनिकों के योगदान की स्मृति में इस स्मारक का अनावरण किया गया। ध्यान देने योग्य है कि प्रथम विश्व युद्ध 11 नवंबर, 1918 को पेरिस संधि पर हस्ताक्षर के साथ समाप्त हुआ। इस युद्ध में भारत के 15 लाख सैनिकों ने भाग लिया था।

2. केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन:

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का 12 नवंबर को 59 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, वह कैंसर से पीड़ित थे। भाजपा नेता अनंत कुमार साल 1996 से दक्षिणी बेंगलुरु का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे। उनके पास दो महत्वपूर्ण मंत्रालय थे और वह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कद्दावर मंत्रियों में से एक थे। उनके पास साल 2014 से रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय था। साथ ही जुलाई 2016 में उन्हें संसदीय कार्यमंत्री का जिम्मा भी सौंपा गया था।

3. बजरंग पुनिया 65 किलोग्राम में सर्वोच्च खिलाड़ी बने:

भारत के बजरंग पुनिया 65 किलोग्राम वर्ग में विश्व का नंबर एक पहलवान बन गए हैं। वे 24 वर्ष के हैं। बजरंग पुनिया, जिसने इस वर्ष पांच पदक जीते, जिनमें राष्ट्रमंडल खेलों में स्व र्ण पदक व एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक तथा विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक शामिल हैं, को 65 किलोग्राम वर्ग के यूडब्ल्यूडब्लयू सूची में कुल 96 प्वाइंट मिले हैं। बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में वरीयता प्राप्त करने वाले वे एकमात्र पहलवान हैं।

इस सूची में 10 सर्वोच्च पुरुष पहलवानों में भारत से केवल बजरंग पुनिया का नाम है। हालांकि महिला वर्ग में 10 सर्वोच्च पहलवानों में पांच भारतीय हैं। पूजा धंदा, जो विश्व चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली चौथी भारतीय महिला हैं, 57 किलोवर्ग में छठे स्थान पर है।

4. 12 नवंबर : लोक सेवा प्रसारण दिवस

12 नवंबर 2018 को लोक सेवा प्रसारण दिवस देशभर में मनाया गया। इस दिन को 1947 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी के स्टूडियो आने की स्मृति में मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने इस दिन पाकिस्तान से आकर कुरूक्षेत्र के शिविरों में रह रहे शरणार्थियों को रेडियो पर संबोधित किया था। देश के इस प्रथम रेडियो की शुरुआत डॉ राममनोहर लोहिया की प्रेरणा से विट्ठलभाई झवेरी ने की थी।