दूरसंचार विभाग ने ई-सिम हेतु गाइडलाइन्स जारी की

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केंद्र सरकार ने 18 मई 2018 को देश में ई-सिम के उपयोग के लिए मंजूरी प्रदान की। इससे अब ग्राहकों को मोबाइल कंपनी बदलने पर नया सिम खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक उपभोक्ता अब 18 मोबाइल कनेक्शन ले सकेगा। इस पॉलिसी के अनुसार र्इ-सिम डिवाइस में ही इनस्टॉल कर दिया जाएगा, जिसमें सर्विस प्रोवाइडर नया कनेक्शन लेते वक्त ही डिटेल अपडेट कर देगा।

दूरसंचार विभाग ने कहा कि मशीन टू मशीन (M2M) और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IOT) जैसी आधुनिक तकनीकों के विकास को देखते हुए र्इ-सिम (Embedded Subscriber Identity Module) को मंजूरी देने का फैसला लिया गया है। मंजूरी के तहत सिंगल और मल्टीपल प्रोफाइल कन्फिगरेशन की सुविधा होगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर ग्लोबल मानकों के अनुसार एयर सब्सक्रिप्शन अपडेट किया जा सकेगा। यह नर्इ गाइडलाइन रिलायंस जियो और भारती एयरटेल द्वारा र्इ-सिम सर्विस से लैस एप्पल वॉच की बिक्री शुरू करने के तीन बाद जारी की गर्इ है। इसमें 9 मोबाइल नंबर सामान्य इस्तेमाल के लिए और 9 सिम मशीन से मशीन कम्युनिकेशन के लिए उपयोग किए जा सकेंगे।

ई-सिम को इंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल कहा जाता है। यह तकनीक सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है जिसे फोन में इनस्टॉल कर दिया जाता है। फिलहाल इस तकनीक का इस्तेमाल स्मार्टवॉच में किया जा रहा है, लेकिन इस तकनीक को अब समार्टफोन पर रोल-ऑउट कर दिया जाएगा, जिससे यूजर्स केवल सॉफ्टवेयर के जरिए टेलीकॉम सेवाएं ले सकेंगे। इसके अलावा एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में स्विच करने में भी आसानी होगी।