दि इंडियन साइन लैंग्वेज शब्दकोश लॉन्च

0
123

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देश भर में मूक-बधिर लोगों द्वारा संचार के लिये प्रयुक्त की जाने वाली सांकेतिक भाषा में एकरूपता लाने के उद्देश्य से एक शब्दकोश लॉन्च किया गया है। इसका नाम ‘दि इंडियन साइन लैंग्वेज’ है।

  • ‘दि इंडियन साइन लैंग्वेज’ (ISL) शब्दकोश में हिंदी और अंग्रेज़ी के 3000 शब्दों का सांकेतिक चित्रण किया गया है। बाद में शब्दकोश में और भी नए शब्दों को शामिल किया जाएगा। 
  • इनमें ऐसे संकेतों को शामिल किया गया है जिनका उपयोग दैनिक जीवन में किया जाता है।
  • इस शब्दकोश को ‘दि इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर’ (ISLR&TC) ने विकसित किया है, जो इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर पिछले डेढ़ वर्ष से कार्य कर रहा था।
  • यह शब्दकोश प्रिंट एवं वीडियो दोनों प्रारूप में तैयार किया गया है।
  • इस शब्दकोश को तैयार करने का मूल मकसद मूक-बधिर समुदायों के बीच संवाद बाधाओं को दूर करना है। इसके अलावा इसमें भारतीय संकेत भाषा में अधिक जानकारी मुहैया कराने पर ज़ोर दिया गया है।

सांकेतिक भाषा:

सांकेतिक भाषा एक ऐसी भाषा है, जो अर्थ सूचित करने के लिए श्रवणीय ध्वनि पैटर्न में संप्रेषित करने के बजाय, दृश्य रूप में सांकेतिक पैटर्न संचारित करती है-जिसमें वक्ता के विचारों को धाराप्रवाह रूप से व्यक्त करने के लिए, हाथ के आकार, विन्यास और संचालन, बांहों या शरीर तथा चेहरे के हाव-भावों का एक साथ उपयोग किया जाता है।