दिल्ली सरकार ने ‘दुर्घटना शिकार नीति’ को मंजूरी दी

0
18

दिल्ली कैबिनेट ने 12 दिसंबर 2017 को को दुर्घटना पीड़ित योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सड़क हादसों समेत आगजनी व एसिड पीड़ितों का इलाज खर्च सरकार उठाएगी। इसके दायरे में दिल्ली की सीमा में होने वाली दुर्घटनाओं के सभी पीड़ित शामिल होंगे।

सरकार के अनुसार, सभी पीड़ितों को चाहे वो दिल्ली से हो या नहीं और यहां तक कि विदेशियों को भी, यदि दुर्घटना राजधानी में होती है, दिल्ली के किसी भी अस्पताल, सरकारी या निजी अस्पताल में नि: शुल्क इलाज का अधिकार होगा और इसके लागत की कोई ऊपरी सीमा नहीं होगी।

मुख्य बिंदु:

  • दिल्ली की सड़कों पर हर साल आठ हजार से ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इसमें 15-16,000 लोग चपेट में आते हैं। इनमें से करीब 10 फीसदी पीड़ितों की मौत हो जाती है। 
  • इसका उद्देश्य यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को बचाना है। इस योजना के माध्यम से, पीड़ितों को दुर्घटना स्थल के करीब किसी भी निजी अस्पताल ले जाया जा सकता है।
  • निजी अस्पताल ऐसे मरीजों या उपचार के लिए उनके रिश्तेदारों से किसी भी पैसे की मांग नहीं करेंगे।
  • निजी अस्पतालों को पीडि़तों के रिकॉर्ड रखने के लिए कहा जाएगा ताकि वे सत्यापन के बाद दिल्ली सरकार इसकी प्रतिपूर्ति कर सकें।
  • इस योजना के अंतर्गत निजी अस्पताल किसी भी मरीज़ को ना नहीं कह सकता है चाहे वो कितना ही गरीब क्यों न हो।
  • ज्ञातव्‍य है कि दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल तक पहुंचाने वाले लोगों को दो हजार रुपये राहत के तौर पर देने की योजना को पहले ही मंजूरी दे दी गई है।