दिल्ली में पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाये गये

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हाल ही में दिल्ली में नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक अनूठी पहल की शुरूआत की है। इसके अन्तर्गत राजधानी के सभी वृक्षों पर क्यू आर कोड लगाये गये हैं। पेड़ों में क्यू आर कोड लगाने के बाद से अब कोई भी व्यक्ति कोड्स को स्कैन करके पेड़ों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।

पेड़ों पर लगे क्यू आर कोड्स को स्कैन करने के बाद पेड़ की उम्र, जीवनकाल, बॉटेनिकल नेम, कॉमन नेम, उनके खिलने तथा बढ़ने के मौसम की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे पता चलेगा कि वह कितना उपयोगी वृ़क्ष है और लोग पेड़ काटने से डरेंगे तथा प्रकृति संरक्षण में भी मदद मिल सकेगी।

जिन पेड़ों पर क्यू आर कोड लगाया गया है वह लगभग 90 एकड़ के फैले इस बगीचे में बोन्साई पार्क, हर्बल गार्डन एवं बांस के बगीचे हैं।

भारत के दिल्ली के अलावा विश्व के कई ऐसे देशों एवं शहरों में पेड़ों की जानकारी के लिए क्यू आर कोड़ लगाये हैं। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिनिसोटा के छात्रों ने विश्वविद्यालय के कैंपस के पेड़ों पर क्यूआर कोड़ लगाये थे। उनके इस कार्य को काफी सराहा गया था। इसके अतिरिक्त तीन के हेबाई प्रांत के शिलिंगसुई गांव में 1 लाख 30 हजार पेड़ों पर क्यूआर कोड़ लगाये गये थे।

भारत के अन्य जगहों जैसे महाराष्ट्र स्थिति सोलापुर के पेड़ो में चिप लगाई गई है जिसमें चिप के कारण यह पेड़ काटने पर अलर्ट भेजते हैं।