तैयब एर्दोगन दूसरी बार तुर्की के राष्ट्रपति निर्वाचित

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तुर्की के राष्ट्रपति चुनावों में रजब तैयब एर्दोगन दूसरी बार तुर्की के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए है। एर्दोगन पिछले 15 वर्ष से सत्ता पर हैं। 24 जून 2018 को तुर्की के मतदाताओं ने पहली बार राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव में मतदान किया है।

एर्दोगन को 52.5 प्रतिशत मत मिले हैं। एर्दोगन की सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी और नेशनलिस्ट मूवमेंट पार्टी के गठबंधन पीपुल्स अलायंस को भी संसदीय चुनाव में बहुमत (42.4 फीसदी वोट) मिला है। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति चुनाव में आठ राजनीतिक दल मैदान में थे। जबकि एर्दोगन सहित 6 उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव में आमने सामने थे।

पहली बार तुर्की में जनमत संग्रह के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति एवं संसदीय चुनाव कराये गये हैं। अब इसके बाद से देश में प्रधानमंत्री पद को समाप्त कर दिया जायेगा। बिनाली यिल्दरिम तुर्की के वर्तमान एवं अंतिम प्रधानमंत्री हैं। तुर्की के सम्पूर्ण फैसलों का अधिकार राष्ट्रपति के पास होगा।

जनमत संग्रह के बाद से राष्ट्रपति को देश का सम्पूर्ण अधिकार प्रदान कर दिया गया है जिसके बाद से वह न्यायिक प्रक्रिया में भी अपना फैसला दे सकता है।

तुर्की के नये मुख्य न्यायधीश चुनने का अधिकार देश के राष्ट्रपति के पास होगा। तुर्की में एक राष्ट्रपति अब अधिकतम दो कार्यकाल तक पद पर रह सकता है। राष्ट्रपति का 1 कार्यकाल 5 वर्ष का होगा। देश का राष्ट्रपति अपने अधीन एक या उससे अधिक उप राष्ट्रपति रख सकता है।

तुर्की के राष्ट्रपति को देश में आपातकाल लागू करने का पूरा अधिकार होगा। इस फैसले के बाद से अब तुर्की को यूरोपियन यूनियन में शामिल किया जा सकता है।

एर्दोगन अब 2029 तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं। एर्दोगन इस निर्णय से देश में कार्यकारी राष्ट्रपति शासन प्रणाली लागू कर सकते हैं।