डीएससी पुरस्कार के लिए अरविंद अडिगा शॉर्टलिस्ट

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मैन बुकर पुरस्कार विजेता अरविंद अडिगा दक्षिण एशियाई साहित्य के लिए मिलने वाले डीएससी पुरस्कार जीतने की दौर में शामिल हो गए हैं। इस पुरस्कार के विजेता को 25,000 अमेरिकी डॉलर की राशि दी जाती है।

इस पुरस्कार के लिए अडिगा का नाम किया गया है। उन्हें उनकी किताब ‘सलेक्शन डे’ के लिए यह पुरस्कार मिल सकता है। इस पुरस्कार को हासिल करने के दौर में अंजलि जोसफ (द लीविंग), श्रीलंका के लेखक अनुक अरुदप्रगसम (द स्टोरी ऑफ ए ब्रीफ मैरेज), करन महाजन (द एसोसिएशन ऑफ स्मॉल बॉम्ब्स) और स्टीफन अल्टर (इन द जंगल्स ऑफ द नाइट) भी हैं।
 
शॉर्टलिस्ट किए गए इन लेखकों का नाम ऋतु मेनन की अध्यक्षता वाले ज्यूरी पैनल ने की है। लेखकों के संक्षिप्त नाम वाली यह सूची दक्षिण एशिया के साहित्यिक परिदृश्य में अपनी पहचान बनाने वाले युवा और स्थापित लेखकों का प्रतिनिधित्व करती है। इस पुरस्कार की घोषणा को के विशेष समारोह में की जाएगी। डीएससी पुरस्कार के पुराने भारतीय विजेता साइरस मिस्त्री, झुंपा लाहिड़ी और अरुंधति रॉय हैं। 

डीएससी पुरस्कार:

  • यह पुरस्कार उन लेखकों को दिया जाता है जिन्होंने दक्षिण एशिया की संस्कृति, राजनीति एवं जनता पर लेखन कार्य किया हो। 
  • यह पुरस्कार डीएससी लिमिटेड द्वारा दिया जाता है। 
  • यह पुरस्कार एक सम्पूर्ण अंग्रेजी उपन्यास अथवा उसके अनुवादित प्रकाशन को दिया जाता है। 
  • इसमें विजेता को 2800000 रुपये (लगभग 50,000 अमेरिकी डॉलर) दिए जाते हैं। 
  • वर्ष 2015 में झुम्पा लाहिड़ी को उनके उपन्यास द लोलैंड के लिए यह पुरस्कार दिया गया।  साइरस मिस्त्री को यह पुरस्कार वर्ष 2014 में उनके उपन्यास क्रॉनिकल ऑफ़ अ कॉर्प्स बियरर के लिए दिया गया। 
  • वर्ष 2016 में भारतीय लेखक अनुराधा रॉय को उनके उपन्यास स्लीपिंग ऑन जुपिटर के लिए श्रीलंका में आयोजित गाले लिटररी फेस्टिवल में दिया गया।