डीआरडीओ ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को एक वेबसाइट समर्पित की

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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा 15 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली के डीआरडीओ भवन में पूर्व राष्ट्रपति और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की 87वीं जयंती मनायी गयी। इस अवसर पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘द कलाम विजन-डेयर टू ड्रीम’ विषय पर डीआरडीओ की समर्पित वेबसाइट लांच की।

यह वेवसाइट आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोट, ऑटोनॉमस सिस्टम एवं साइबर सुरक्षा पर केंद्रित है। यह वेवसाइट छात्रों एवं स्टार्ट अप के लिए खुली प्रतिस्पर्धा की सुविधा भी प्रदान करेगी। यह वेबसाइट https://drdo.gov.in/drdo/kalam/kalam.html है।

डीआरडीओ:

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन भारत की रक्षा से जुड़े अनुसंधान कार्यों के लिये देश की अग्रणी संस्था है। इसकी स्थापना वर्ष 1958 में की गयी थी। वर्तमान में यहां राडार, प्रक्षेपास्त्र इत्यादि से संबंधित कई बड़ी परियोजनायें चल रही हैं। डीआरडीओ रक्षा प्रणालियों के डिजाइन एवं विकास के लिये समर्पित है और तीनों रक्षा सेवाओं की अभिव्यक्त गुणात्मक आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर के हथियार प्रणालियों और उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में काम कर रहा है। जिसमें वैमानिकी, शस्त्रों, संग्राम वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग प्रणालियों, मिसाइल, सामग्री, नौसेना प्रणालियों, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन और जीवन विज्ञान शामिल है। डीआरडीओ अत्याधुनिक आयुध प्रौद्योगिकी की आवश्यकतापूर्ति के साथ-साथ समाज के लिये स्पिन ऑफ लाभ देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।