डाक विभाग में पार्सल निदेशालय का उद्घाटन किया गया

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हाल ही में डाक विभाग में पार्सल निदेशालय का उद्घाटन किया गया। वैश्विक स्‍तर पर पत्र मेल में गिरावट आई है, किन्‍तु भारत में पैकेट और पार्सल्स की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण भारत में “ई-कॉमर्स” के साथ “ई-टेल” व्यवसाय में तेज़ी से विकास है, जिसमें एकीकृत संग्रहण, छँटाई, पारेषण और वितरण प्रणाली की आवश्यकता होती है।

देश में पार्सल व्यवसाय (केवल लॉजिस्टिक्स एवं वितरण जिसमें वस्‍तु एवं सेवा का मूल्य सम्मिलित नहीं है।) 15% प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रहा है। इस व्यवसाय के वर्ष 2026 तक मौजूदा 18000 करोड़ रुपए के स्तर से बढ़कर 60000 करोड़ रुपए तक पँहुचने की संभावना है। भारतीय डाक द्वारा पार्सल संचालन में सुधार हेतु नवंबर 2016 के दौरान “पार्सल नेटवर्क अनुकूलन परियोजना” प्रारम्भ की गई।

इसके बाद से पार्सल संबंधित आवश्यकताओं जैसे कि परिचालन तंत्र का पुनर्गठन, प्रसंस्करण एवं वितरण केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा सुनिश्चित करना, आदि को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए विभाग के अंतर्गत पार्सल और ई-कॉमर्स हेतु एक अलग निदेशालय (मुख्यालय नई दिल्ली) की स्थापना का निर्णय लिया गया। यह निदेशालय डाक जीवन बीमा (पीएलआई) निदेशालय और व्यवसाय विकास निदेशालय की तरह ही कार्य करेगा, जिनको पूर्व में बीमा व्यवसाय एवं व्यवसाय विकास की गतिविधियों को अधिक प्रभावी रूप से संचालित करने हेतु स्‍थापित किया गया था।