‘ट्रेन 18’ ने परीक्षण के दौरान 180 किमी प्रति घंटे की गति सीमा को पार किया

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भारत की पहली लोकोमोटिव-रहित ट्रेन ‘ट्रेन 18’ , ने राजस्थान के कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन में परीक्षण के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा को पार कर लिया है। इसे ट्रेन-18 इसलिए नाम दिया गया है क्योंकि इसे 2018 में लॉन्च किया जा रहा है।

  • अगर सब ठीक रहता है तो ‘ट्रेन 18’ वर्तमान शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेगी।
  • ‘ट्रेन 18’ प्रति घंटे 200 किलोमीटर छूने में सक्षम है, यदि भारतीय रेलवे प्रणाली, जैसे ट्रैक और सिग्नल अनुमति दे ।
  • 16 कोच युक्त इस ट्रेन में शताब्दी एक्सप्रेस की तरह ही यात्री क्षमता होगी। इस रेलगाड़ी के दोनों ओर एरोडायनेमिक डिज़ाइन है जिससे यह तेजी से चल सकेगी ।
  • इसमें पुनः सृजित ब्रेकिंग सिस्टम भी है जो बिजली बचाती है।
  • पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन बेहतर यात्री सुविधा और सुरक्षा प्रदान करती है, क्योंकि सभी उपकरण गाड़ी के नीचे लगाए गए हैं ताकि अधिक जगह उपलब्ध हो।
  • चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने ट्रेन का निर्माण किया है।

ध्यान देने योग्य है कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जो उत्तर से दक्षिण तक देश को पार करती है। यह 9,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन करती है और प्रतिदिन 23 मिलियन यात्री इन ट्रेनों मंे सफर करते हैं।