टाटा स्टील ने भूषण स्टील का अधिग्रहण किया

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टाटा स्टील ने 35,200 करोड़ रुपए के कर्ज के सेटलमेंट के साथ औपचारिक तौर पर भूषण स्टील का अधिग्रहण कर लिया है। अब कंपनी का भूषण स्टील की 72.65 फीसदी हिस्सेदारी पर कंट्रोल होगा। इस सौदे के साथ भूषण स्टील इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी प्रॉसेस से सफलतापूर्वक गुजरने वाली पहली कंपनी बन गई है।

भूषण स्टील पर कुल 56,000 करोड़ रुपए का कर्ज है और वह उन 12 फर्म्स में शामिल है, जिनका मामला स्ट्रेस्ड एसेट्स को लेकर आरबीआई ने एनसीएलटी के पास भेजा है। टाटा स्टील ने अपनी सहायक कंपनी बामनीपाल स्टील लिमिटेड (बीएनपीएल) के माध्यम से यह अधिग्रहण किया है।

दिवाला एवं ऋण शोधन संहिता (आईबीसी), 2016 के तहत निपटने वाला यह पहला मामला है। दिवाला और दिवालियापन संहिता-2016 (आईबीसी) के प्रावधानों के अंतर्गत डिफाल्ट के मामले में किसी बैंकिंग कंपनी को दिवाला समाधान प्रक्रिया प्रारंभ करने संबंधी निर्देश के लिए आरबीआई को प्राधिकृत करने के लिए बैंकिंग नियमन संशोधन अध्यादेश 2017 लागू किया गया है। यह अध्याादेश बाध्य होकर बेची जाने वाली परिसम्पत्तियों के मामले में निर्देश देने का अधिकार भी रिजर्व बैंक को देता है। भारतीय रिजर्व बैंक विवशतावश बेची जाने वाली परिसम्पत्तियों के बारे में बैंकिंग कंपनियों को सलाह के लिए बैंक की स्वीकृति के साथ समिति की नियुक्ति का निर्देश देने का अधिकार भी दिया है।

टाटा स्टील:

टाटा स्टील (टाटा आयरन ऐंड स्टील कंपनी लिमिटड) अर्थात टिस्को के नाम से जाने जाने वाली यह भारत की प्रमुख इस्पात कंपनी है। जमशेदपुर स्थित इस कारखाने की स्थापना वर्ष 1907 में की गयी थी। यह दुनिया की पांचवी सबसे बडी इस्पात कंपनी है जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन है। यह फार्च्यून 500 कंपनियों में भी शुमार है जिसमें इसका स्थान 315 वां है। कम्पनी का मुख्यालय मुंबई में स्थित है। टाटा स्टील भारत की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली नीजि क्षेत्र की दूसरी बडी कंपनी भी है। कंपनी का मुख्य प्लांट जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है।