जीएसटी परिषद ने ई-वे बिल प्रणाली को मंज़ूरी दी

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वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में 16 दिसम्बर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में पूरे देश में 1 जून 2018 से ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने का फैसला किया गया। ई-वे बिल व्यवस्था के तहत 50,000 रुपये से अधिक मूल्य का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले उसका ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।

जीएसटी व्यवस्था में एक राज्य से दूसरे राज्य में माल के आवागमन में कर चोरी रोकने के लिये ई-वे बिल प्रक्रिया को शामिल किया गया है। जीएसटी राजस्व प्राप्ति में गिरावट के लिये कर चोरी को बड़ी वजह बताया गया है है। अक्तूबर माह में जीएसटी वसूली घटकर 83,346 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि, सितंबर में यह आंकड़ा 95,131 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।

ई-वे बिल 16 जनवरी 2018 तक परीक्षण के तौर पर उपलब्ध हो जायेगा। व्यापारी वर्ग और ट्रांसपोर्टर 16 जनवरी से स्वैच्छिक आधार पर इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि कुछ राज्यों में ई-बे बिल की उनकी अपनी प्रणाली पहले से काम कर रही है। ऐसे में ये राज्य राष्ट्रीय स्तर की प्रणाली को समय से पहले अपना सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य रूप से इसे लागू करने की तिथि एक जून 2018 तय की गई है।