जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू

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19 दिसंबर 2018 को भारत के सबसे विवादित राज्य जम्मू कश्मीर में 6 महीनें से लागू राज्यपाल शासन खत्म होते ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्य में केन्द्रीय शासन लगाने की एक अधिघोषणा पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। ध्यान देने योग्य है कि भारतीय संविधान के अनुसार किसी भी राज्य में लगातार अधिकतम 6 महीनें राज्यपाल शासन लागू हो सकता है इसके बाद स्वतः राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता है।

किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से संसद राज्य के विधायिका के शक्तियों का इस्तेमाल करेगी या उसके प्राधिकार के तहत इसका इस्तेमाल किया जायेगा।

गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर में 6 महीने पूर्व भारतीय जनता पार्टी की समर्थन वाली महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी की सरकार थी परन्तु भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद जम्मू कश्मीर में सरकार गिर गई। जिसके बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लागू था। 21 नवंबर 2018 को पीडीपी ने नेशनल कान्फ्रेंस के अधार पर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 87 सदस्यीय विधानसभा को भंग कर दिया था। राज्यपाल ने विधानसभ को भंग करते वक्त यह दलील दी थी कि नई सरकार बनाने में विधायकों की खरीद फरोख्त होगी।

जम्मू-कश्मीर का एक अलग संविधान है। जम्मू-कश्मीर के संविधान अनुच्छेद 92 के तहत ऐसे मामलों में राज्य में 6 महीने राज्यपाल शासन अनिवार्य है।

जम्मू कश्मीर में यदि जल्द ही चुनावों की घोषणा नहीं की गई तो राज्य में अगले 6 महीनों तक राष्ट्रपति शासन रहेगा।