चालू वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक 3-5 अक्टूबर को मुंबई में हुई। इस बैठक में चालू वित्त वर्ष (2018-19) की चौथी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की गयी। बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो और रिवर्स रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया।

इससे पहले अगस्त 2018 में भारतीय र‍िजर्व बैंक ने रेपो रेट की दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उल्लेखनीय है कि रेपो रेट के बढ़ने से बैंकों से कर्ज लेना महंगा हो जाता है।

मौद्रिक नीति समिति बैठक: एक दृष्टि

  • रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।
  • रिवर्स रेपो रेट 6.25 प्रतिशत रखा गया है।
  • चालू वित्त वर्ष (2018-19) में जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 7.4 प्रतिशत पर बनाए रखा है।
  • वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
  • चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 3.9 से 4.5 प्रतिशत तथा 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 4.8 फीसद रहने का अनुमान है।