ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2018 में भारत 103वें स्थान पर

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हाल ही में ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट-2018 जारी की गई है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2018 में कुल 119 देशों को शामिल किया गया जिसमें भारत 103वें पायदान पर है। भारत पिछले वर्ष 100वें स्थान पर था। यह सूचकांक वेल्थ हंगर लाइफ व कसंर्न वर्ल्ड वाइड द्वारा जारी किया गया है। विगत वर्ष तक इंटरनेशनल फुड पॉलिसी रिसर्च भी इससे जुड़ा हुआ था।

भारत नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों से पीछे है, लेकिन पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान इस रिपोर्ट में 106वें स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 68 मिलियन लोग रिफ्यूजी कैंप में रहने को मजबूर हैं।

भारत का स्कोर 31.1 है जो कि वर्ष 2000 की तुलना में 7.7 कम है (जितना अधिक स्कोर होता है स्थिति उतनी ही गंभीर होती है)। इस दृष्टिकोण से यह सुधार हैं परंतु वैश्विक औसत 20.9 से अभी भी स्कोर अधिक है जो चिंताजनक है।

सूचकांक के मुताबिक भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक पांच बच्चों में एक बच्चा कम क्षीण है। इसका मतलब है कि लंबाई के हिसाब से उनका वजन काफी कम है। इस मामले में विश्व का एकमात्र देश जो भारत से नीेचे है वह है गृहयुद्ध ग्रस्त दक्षिण सूडान।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में विश्व के विभिन्न देशों में खानपान की स्थिति का विस्तृत ब्योरा दिया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि लोगों को किस तरह का खाद्य पदार्थ मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता और मात्रा कितनी है और उसमें कमियां क्या हैं। प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में यह रिपोर्ट जारी की जाती है। यह चार संकेतकों पर विभिन्न देशों की रैंकिंग निर्धारित करता है:

  1. अल्प पोषण: अल्पपोषित आबादी व अपर्याप्त कैलोरी
  2. बाल कमजोरी: पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में लंबाई के हिसाब से कम वजन
  3. बौनापन: पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का उम्र के हिसाब से कम लंबाई
  4. शिशु मृत्यु दर