गुजरात में भारत का पहला जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जायेगा

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गुजरात सरकार भारत का पहला जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बना रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित विधेयक पारित होने के बाद इस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

  • जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का उद्देश्य इस क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
  • गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी को विश्व स्तरीय अनुसंधान-केंद्रित अकादमिक संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा।
  • यह विश्वविद्यालय जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रमुख मुद्दों और उनके समाधानों की समीक्षा भी करेगा और उद्योगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये ज्ञान एवं कौशल के साथ जनशक्ति का विकास करेगा।
  • राज्य में एक मज़बूत जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिये, सरकार ने गुजरात राज्य जैव प्रौद्योगिकी मिशन, गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र और सावली प्रौद्योगिकी और व्यापार इनक्यूबेटर की स्थापना की है।
  • ये संगठन पहले से ही अनुसंधान, मानव संसाधन विकास, नीति आधारित स्टार्ट-अप और राज्य में उद्यमिता को बढ़ाने के लिये काम करते आ रहे हैं, जो जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र को गति प्रदान करते हैं।