गंगा ग्राम परियोजना का शुभारंभ किया गया

0
42

पेयजल व स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने 23 दिसम्‍बर 2017 को नई दिल्‍ली के विज्ञान भवन में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा ग्राम परियोजना को औपचारिक रूप से लांच किया। इस कार्यक्रम में सभी संबंध पक्षों ने भाग लिया। इसका उद्देश्‍य गंगा नदी के तट पर स्थित गांव में सम्‍पूर्ण स्‍वच्‍छता लाना है।

अक्‍टूबर, 2014 में मिशन के लांच होने के बाद मंत्रालय ने 6 राज्‍यों व 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 260 जिलों में स्थित 2.95 लाख गांवों में 5.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है और इन गांवों को खुले में शौच से मुक्‍त घोषित कि‍या है।

गंगा तट पर बसे गांवों को खुले में शौच से मुक्‍त घोषित करने के पश्‍चात मंत्रालय व राज्‍य सरकारों ने 24 ऐसे गांवों की पहचान की है, जिन्‍हें गंगा ग्राम के रूप में परिवर्ति‍त किया जाएगा। ये गांव स्‍वच्‍छता का मानदंड स्‍थापित करेंगे। इन गांवों को 31 दिसम्‍बर, 2018 तक गंगा ग्राम में बदलने का लक्ष्‍य रखा गया है।

गंगा ग्राम परियोजना:

गंगा ग्राम परियोजना ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से गंगा तट पर बसे गांवों के सम्‍पूर्ण विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना है। गंगा ग्राम परियोजना के अंतर्गत ठोस और द्रव कचरा प्रबंधन, तालाबों और अन्‍य जलाशयों का पुनरूद्धार, जल संरक्षण परियोजनाएं, जैविक खेती, बागवानी तथा औषधीय पौधों को प्रोत्‍साहन देना शामिल है।