‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम की पुनर्संरचना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 20 सितम्बर को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के पुनरुत्थान योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में केंद्र सरकार ने अनूठी पहल शुरू की है। सरकार ने 10 साल की उम्र से ही प्रतिभावान खिलाड़ी बच्चों का पोषण करने का फैसला किया है। सरकार हर साल एक हजार बच्चों को चुनेगी और उन्हें अगले आठ साल तक पांच लाख रुपए सालाना वजीफा देगी ताकि वह अपने खच्रे उठा सकें और केवल खेलों पर ही ध्यान दे सकें!

बच्चों और किशोरों को अपराध या असामाजिक गतिविधियों से दूर रखने में भी यह योजना सहायक साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 20 सितम्बर को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के पुनरुत्थान योजना को मंजूरी दी गई।

अभी तक जो खेल की जो स्‍कीमस होती थी, वो स्‍टेडियम निर्माण से ज्‍यादा फोकस करती थी, कि ये स्‍टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। ये व्‍यक्तित्‍व निर्माण, खिलाडि़यों का डेवलपमेंट और एक तरह नये भारत के डेवलपमेंट उसके निर्माण की तरफ फोकस होगा इस पर। गांव से लेकर ग्‍लोबल गेम्‍स तक एक सीमलैस नेटवर्क होगा।

नया क्‍या होगा?

  • अब तक का यह पहला अवसर है, जिसमें दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो प्रतिभावान युवाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये प्रेरित करेगा।
  • इससे  प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों की श्रृंखला का निर्माण होगा, जो विश्व स्तर पर जीत हासिल करने के लिये मुकाबला करेंगे।
  • इस कार्यक्रम के तहत देशभर में 20 विश्वविद्यालयों को खेलों में उत्कृष्टता के हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ी शिक्षा के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी खेलों में अपनी दोहरी भूमिका निभाने में समर्थ हो सकें।
  • इस कार्यक्रम का एक लक्ष्य यह भी है कि स्वस्थ जीवन-शैली के साथ गतिशील जनसंख्या का निर्माण किया जा सके।
  • इस कार्यक्रम से व्यापक राष्ट्रीय शारीरिक फिटनेस अभियान के अंतर्गत 10-18 आयु वर्ग के लगभग 200 मिलियन बच्चों को लाभ मिलेगा।
  • इससे न केवल इस आयु वर्ग के सभी बच्चों की शारीरिक फिटनेस का पता चलेगा, अपितु इससे उनके फिटनेस से संबंधित क्रियाकलापों को भी मज़बूती मिलेगी। 

क्या होगा प्रभाव?

  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य अशांत एवं सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रह रहे युवा वर्ग को अनुत्पादक एवं विध्वंसकारी गतिविधियों से हटाकर खेलकूद के क्रियाकलापों से जोड़कर  राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में मुख्य धारा से जोड़ना है।
  • इस कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज दोनों ही स्तरों पर प्रतिस्पर्धा के मानकों का स्तर बढ़ाना और खेलकूद प्रतियोगिताओं तक बच्चों की अधिकतम पहुँच कायम करना है।
  • इसमें खेल संवर्धन के सभी पहलुओं, जैसे-खेल प्रशिक्षण के ज्ञान के विस्तार के लिये मोबाइल एप के इस्तेमाल, प्रतिभा की खोज के लिये राष्ट्रीय प्रतिभा खोज पोर्टल, स्वदेशी खेलों के लिये इंटरेक्टिव वेबसाइट, खेल संरचना की तलाश एवं इस्तेमाल के लिये जी.आई.एस. सूचना प्रणाली के नवीनतम उपभोक्ता अनुकूल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शामिल है।
  • इस कार्यक्रम में ‘सभी के लिये खेल’ के साथ-साथ ‘उत्कृष्टता के लिये खेल’ की भावना पर ज़ोर दिया गया है।