केरल में आधिकारिक तौर पर ‘ट्रांसजेंडर’ शब्द प्रयोग किया जायेगा

0
33

केरल सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि सभी प्रकार के सरकारी संवादों में ’अदर जेंडर’ या ‘थर्ड जेंडर’ के स्थान पर केवल ‘ट्रांसजेंडर’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा।

इससे पहले सरकारी फॉर्मों और दस्तावेज़ो में दिये गए लैंगिक वरीयता क्रम में पुरुष, महिला और अन्य/तीसरे लिंग का जिक्र किया जाता था। सरकार के अनुसार, सभी आधिकारिक संचार/संवाद में ट्रांसजेंडर शब्द का उपयोग तब तक किया जाएगा जब तक कि इसके समतुल्य कोई अन्य शब्द न मिल जाए क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में लैंगिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि ट्रांसजेंडर शब्द का इस्तेमाल करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी क्योंकि ‘अन्य’ या ‘थर्ड जेंडर’ का प्रयोग ट्रांसजेंडरों को अपमान के समान लगता है।

ध्यान देने योग्य है कि ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकारों को संरक्षित करने के उद्देश्य से केरल सरकार के सामाजिक न्याय विभाग ने फरवरी 2018 में ट्रांसजेंडर सेल की स्थापना की।

इसका मुख्य लक्ष्य राज्य ट्रांसजेंडर न्याय बोर्ड और ज़िला ट्रांसजेंडर न्याय समितियों के कामकाज में सहायता प्रदान करना है।