केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गगनयान परियोजना को मंजूरी प्रदान की

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28 दिसंबर 2018 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गगनयान परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना के अन्तर्गत तीन सदस्यीय दल को कम से कम सात दिनों के लिए गगनमंडल में भेजा जायेगा। यदि यह मिशन सफल हुआ तो भारत अंतरिक्ष में मानव को भेजने वाला दुनिया का चौथा देश होगा। इससे पहले यह काम करने वाले देश है- अमेरिका (USA), रूस (Russia) और चीन (China)।

इसरो की योजना के अनुसार 7 टन भार, 7 मीटर ऊंचे तथा करीब 4 मीटर व्यास के गोलाई वाले गगनयान को जीएसएलवी(एमके-3) राकेट से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जायेगा।

प्रक्षेपित करने के 16 मिनट के अन्तर्गत ही यह यान अपनी कक्षा में पहुंच जायेगा। इस यान को धरती की सतह से 300-400किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया जायेगा। भारत गगनयान परियोजना के तहत अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों को व्योमनट्स नाम देगा क्योंकि संस्कृत में व्योम का अर्थ ‘अंतरिक्ष’ होता है।

इस परियोजना के लिए भारत सरकार 10 हजार करोड़ रूपये खर्च करेगा। इस लागत में तकनीकी विकास लागत, विमान हार्डवेयर प्राप्ति तथा आवश्यक ढांचागत तथ्य शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के सफल होने से भारत को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक पहचान मिलेगी, देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान तथा विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।