केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों में 22 भाषाएं सिखाने के लिए ‘भाषा संगम’ परियोजना आरंभ

0
111

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत भाषा संगम परियोजना की 27 नवंबर 2018 से शुरुआत की गई। इससे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंधित अथवा मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं प्रत्येक राज्य की भाषा सीख सकेंगे।

भाषा संगम का उद्देश्य विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में छात्रें को भारतीय भाषाओं में बहुभाषी प्रकटन उपलब्ध कराना है। इसका एक अन्य उद्देश्य भाषायी सौहाद्रता एवं सम्मान बढ़ाना तथा राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना है।

संगम परियोजना के तहत 28 नवंबर को गुजराती, 29 को हिंदी, 30 नवंबर को कन्नड़, 3 दिसंबर को कश्मीरी, 4 को कोंकणी, 5 को मैथिली, 6 को मलयालम, 7 को मणिपुरी, 10 को मराठी, 11 को नेपाली, 12 को उड़िया, 13 को पंजाबी, 14 को संस्कृत, 17 को संथली, 18 को सिंधी, 19 को तमिल, 20 को तेलुगू और 21 दिसंबर को पूरे प्रोजेक्ट का प्रसारण किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी के अलावा देश के अलग-अलग प्रदेशों की क्षेत्रीय भाषाओं को बोलना सीखना है।

छात्र इस परियोजना के तहत हर भाषा के पांच वाक्य सीखेंगे. इसके बाद उन्हें प्रार्थना के समय इन वाक्यों को बोलना होगा।

छात्रों को घर पर अभिभावकों के साथ इन वाक्यों पर विचार-विमर्श करना होगा। स्कूलों में प्रतिदिन दी जाने वाली जानकारी का वीडियो बनेगा तथा यह वीडियो सीबीएसई की वेबसाइट पर भी अपलोड करना होगा।

भाषा संगम प्रॉजेक्ट के तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई 22 भाषाओं के बारे में विद्यार्थियों को बताया जा रहा है।

इसमें हिन्दी, असमिया, बंगाली, बोडो, तमिल, तेलुगु, उर्दू, गुजराती, कन्नड, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयाली, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, डोगरी भाषा छात्रों को बोलनी सिखाई जा रही है।