ओम प्रकाश रावत मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त

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चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत को 21 जनवरी 2018 को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। वे अचल कुमार जोति की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 22 जनवरी 2018 को समाप्त हो रहा है। इनके अलावा पूर्व वित्त सचिव अशोक लवासा को नया चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है।

ओम प्रकाश रावत:

  • भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त  ओम प्रकाश रावत मध्य प्रदेश काडर के IAS अधिकारी हैं।  रावत 1977 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं।
  • साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ओम प्रकाश रावत को चुनाव आयुक्त बनाया गया था।
  • चुनाव आयुक्त बनने से पहले ओम प्रकाश रावत केंद्र में सचिव थे। 
  • ओम प्रकाश रातव का जन्म दो दिसंबर 1953 को हुआ था। 
  • ओम प्रकाश रावत 31 दिसंबर, 2013 को केंद्र सरकार में सचिव पद से रिटायर हुए हैं।
  • रावत नरसिंहपुर और इंदौर के डीएम रह चुके हैं। उन्होंने मऊ और इंदौर में सांप्रदायिक दंगों को रोकने में अहम रोल निभाया था।
  • रावत मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (ट्राइबल वेलफेयर), नर्मदा वैली डेवलपमेंट अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन और एक्साइज कमिश्नर भी रह चुके हैं।
  • रावत ने यूनाइटेड किंगडम से सोशल डेवलपमेंट प्लानिंग (SDP) में MSc. की है। इसके अलावा उन्होंने Physics में भी MSc. की डिग्री हासिल की है।
  • ईमानदारी के लिए ओम प्रकाश रावत को प्रधानमंत्री की ओर से सर्वश्रेष्ठ लोकसेवक का पुरस्कार भी मिल चुका है।
  • ओम प्रकाश रावत के पूर्वजों का ताल्लुक भले ही उत्तराखंड से है, लेकिन वे मूलरूप से यूपी के झांसी जिले के हैं। उनका जन्म इसी जिले में हुआ था।

निर्वाचन आयोग:

  • भारत का निर्वाचन आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 25 जनवरी, 1950 को की गई, यही कारण है कि 25 जनवरी को देश भर में “राष्ट्रीय मतदाता दिवस” के रूप में मनाया जाता है।  
  • निर्वाचन आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दो अन्य आयुक्त होते हैं। सभी का कार्यकाल छह साल का होता है, लेकिन आयु सीमा 65 साल निर्धारित की गई है। 
  • निर्वाचन आयोग से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के भाग 15 के अनुच्छेद 324 से लेकर अनुच्छेद 329 तक में उपबंधित हैं।
  • भारत में प्रतिनिधि लोकतंत्र है जिसमें जनता द्वारा निर्वाचित जन-प्रतिनिधि शासन में भाग लेते हैं।
  • अतः जन-प्रतिनिधियों का चुनाव निष्पक्ष ढंग से हो सके, इसके लिये संविधान के अनुच्छेद 324 में स्वतंत्र और निष्पक्ष एवं संवैधानिक निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया है।