एंटी टैंक ‘नाग’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया

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रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने देश में विकसित तीसरी पीढ़ी के एंटी टैक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) नाग का राजस्थान में सफल फ्लाइट परीक्षण किया। इस परीक्षण के साथ ही एटीजीएम के निर्माण क्रम में होने वाला ट्रायल पूरा हो गया।

यह मिसाइल सात किलोमीटर तक किसी लक्ष्य को भेद सकती है। एटीजीएम ‘नाग’ मिसाइल ने अलग-अलग रेंजों और स्थितियों में दोनों लक्ष्यों को बहुत अधिक शुद्धता से सफलतापूर्वक भेद दिया और ऐसा ही सशस्त्र बल चाहते हैं।

‘दागो और भूल जाओ’ श्रेणी की तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है।

हमें ध्‍यान देना चाहिये कि इससे पहले 13 जून को नाग के नए वर्जन प्रोसपीना मिसाइल का टेस्ट जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था। उस वक़्त मिसाइल का ज़मीन से 4 किलोमीटर दूर तक सफल वार किया गया था।

इस बार सात किमी तक सफल वार करने वाली नाग मिसाइल का परीक्षण हुआ है। जो भारतीय दृष्टिकोण से पड़ोसी देशों के साथ चल रहे ताज़ा हालात को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है।

मिसाइल की ख़ास बातें:

1)नाग हल्की वजन की मिसाइल है। इसका वजन 42 किलो तक बताया जाता है।

2) मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है।

3) दस साल तक इस मिलाइल को बिना किसी रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है।

4) मिसाइल दागे जाने के बाद इसे रोका नहीं जा सकता।