उच्‍चतम न्‍यायालय में चार नये न्‍यायाधीशों की नियुक्ति की गयी

0
151

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 02 नवम्बर 2018 को जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट के जज के पद की शपथ दिलाई। इन चारों जजों की नियुक्तियां उनके पद ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।

इनमें से जस्टिस गुप्ता मध्य प्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्य न्‍यायाधीश, जस्टिस रेड्डी गुजरात हाई कोर्ट के, जस्टिस शाह पटना हाई कोर्ट और जस्टिस रस्तोगी त्रिपुरा उच्‍च न्‍यायालय के मुख्य न्‍यायाधीश थे। इन चार नये जजों के शपथ ग्रहण के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 28 हो गई है। जबकि सुप्रीम कोर्ट में जजों के कुल मंजूर पद 31 हैं, जिसमें अभी भी तीन पद खाली रह गए हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधान न्‍यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता में उच्‍चतम न्‍यायालय के कॉलेजियम प्रणाली ने उच्‍च न्‍यायालयों के चार न्‍यायाधीशों के उच्‍चतम न्‍यायालय के न्‍यायाधीश पद पर नियुक्ति का सुझाव दिया था। इन सुझाव को मानते हुए सरकार के विधि मंत्रालय ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी।

कॉलेजियम प्रणाली:

  • देश की न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रणाली को कॉलेजियम प्रणाली कहा जाता है।
  • 1990 में सुप्रीम कोर्ट के दो फैसलों के बाद कॉलेजियम प्रणाली बनाई गई थी।
  • कॉलेजियम प्रणाली के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश के नेतृत्‍व में बनी वरिष्ठ न्यायाधीशों की समिति न्यायाधीशों के नाम तथा नियुक्ति का फैसला करती है।
  • सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा तबादलों का फैसला भी कॉलेजियम ही करता है।
  • हाईकोर्ट के कौन से जज पदोन्‍नत होकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे यह फैसला भी कॉलेजियम ही करता है।
  • कॉलेजियम प्रणाली का उल्‍लेखन न तो मूल संविधान में है और न ही उसके किसी संशोधन में।