ईआईबी-इरेडा ने 150 मिलियन यूरो का ऋण समझौता किया

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अक्षय ऊर्जा की विश्व की सबसे बड़ी वित्त पोषक संस्था यूरोपीय निवेश बैंक (ईआईबी) ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाली भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) को 10 मार्च 2018 को 150 मिलियन यूरो अर्थात लगभग 12 अरब रुपए का बिना सरकारी गारंटी वाला दीर्घकालिक ऋण दिया है। यह ऋण 15 साल की अवधि के लिये है जिसमें 3 साल की रियायती अवधि शामिल है। इसका उपयोग भारत में अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये किया जाएगा।

लाइन आफ क्रेडिट के रूप में दिए गए इस ऋण के निवेश से उत्पादित अक्षय ऊर्जा से देश के 11 लाख से ज्यादा घर रोशन होंगे तथा रोजगार के सैंकड़ों अवसर सृजित होंगे। यह पैसा देश भर में फोटोवोल्टिक सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा की परियोजनाओं में लगाया जाएगा।

यूरोपीय निवेश बैंक (EIB):

  • EIB यूरोपीय संघ की दीर्घकालिक ऋण प्रदान करने वाली संस्था है। यह संस्था यूरोपीय संघ की नीतियों को लागू करने के लिये यूरोपीय संघ के अन्य संस्थानों के साथ मिलकर काम करती है और बहुपक्षीय वित्तपोषण का भी कार्य करती है।
  • इस बैंक की 90% से भी अधिक गतिविधियाँ यूरोप में केंद्रित हैं लेकिन विश्व स्तर पर भी यह एक बड़ा निवेशक है।
  • EIB निम्‍नलिखित चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है:-
  1. नवाचार और कौशल
  2. लघु व्यवसायों के लिये वित्त
  3. बुनियादी ढाँचा
  4. जलवायु और पर्यावरण 

भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) 

  • यह भारत सरकार के ‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय’ के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्यरत एक मिनीरत्न (श्रेणी 1) प्रकार की कंपनी है।
  • इसका कार्य नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संबंधित परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना तथा इनके विकास हेतु इन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • इसे ‘कंपनी अधिनियम, 1956’ की धारा 4’ए’ के तहत  सार्वजनिक वित्तीय संस्थान के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  • इसे RBI के नियमों के अंतर्गत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया है।
  • इसे वर्ष 1987 में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर गठित किया गया था।