इसरो ने स्वदेशी अंतरिक्ष सूट तैयार किया

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने वर्ष 2022 के अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिये स्वदेशी स्पेस सूट तैयार कर लिया है। सूट को तिरुअनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में विकसित किया गया है। इसरो ने 06 सितंबर 2018 को ’बेंगलुरू अंतरिक्ष एक्सपो’ में इसके प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया।

सूट की विशेषतायें:

  • इसरो ने इस सूट का रंग नारंगी रखा है। अंतरिक्ष में यह रंग बचाव और खोज के लिहाज से बहुत ही विजिबल (दृश्य) है, इसीलिए इसे चुना गया। गौरतलब है कि अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी इसी रंग के सूट तैयार कर चुका है।
  • इस सूट को बनाने में 2 साल का समय लगा है।
  • इस सूट में एक ऑक्सीजन सिलेंडर फिट हो सकता है। जिससे की एस्ट्रोनॉट को करीब एक घंटे तक ऑक्सीजन मिलने में मदद होगी।
  • इसरो ने फिलहाल, ऐसे दो सूट तैयार किये हैं तथा एक और सूट तैयार करेगा, क्योंकि साल 2022 के अंतरिक्ष मिशन में कुल तीन लोग जायेंगे।

क्रू मॉडल और क्रू एस्केप मॉडल:

स्पेस रिसर्च बॉडी ने क्रू मॉडल और क्रू एस्केप मॉडल का भी प्रदर्शन किया है। इसरो ने प्रोटोटाइप क्रू मॉडल को पहले ही टेस्ट कर चुका है। क्रू मॉडल कैप्सूल में तीन अंतरिक्ष यात्री 5 से 7 दिन की यात्रा के लिये निकलेंगे।

कैप्सूल में थर्मल शील्ड मौजूद है। यह साथ ही जलते हुये गोले में बदल जायेगा जब अंतरिक्ष यात्री दोबारा पृथ्वी के वायुमंडल में आयेंगे। कैप्सूल 90 मिनट के अंदर पूरी पृथ्वी की परिक्रम करेगा और अंतरिक्ष यात्री यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों देख सकेंगे। अंतरिक्ष यात्री 24 घंटे के अंदर 2 बार भारत को अंतरिक्ष से देख सकेंगे।

टेकऑफ के बाद पृथ्वी से 400 किमी की दूरी पर पहुंचने के लिये तीन अंतरिक्ष यात्री वाले कैप्सूल को 16 मिनट का समय लगेगा। कैप्सूल गुजरात के तट के पास अरब सागर में गिरेगा। यहां भारतीय नेवी और कोस्ट गार्ड पहले से तैनात होंगे ।