इसरो ने ’गगनयान मिशन’ का खाका तैयार किया

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इसरो ने अंतरिक्ष में मानव को भेजने की दिशा में 28 अगस्त 2018 को तैयारियों का पहला खाका जारी किया है। इस कार्यक्रम के साथ भारत मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू किया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान ‘गगनयान-भारत का पहला मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम’ की घोषणा की थी।

इसरो के अनुसार यह अब तक का काफी महत्त्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है, क्योंकि इससे देश के अंदर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसरो का यह कार्यक्रम साल 2022 तक पूरा हो जायेगा जबकि पहला मानव रहित उड़ान अगले 30 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। 

मिशन का लक्ष्य तीन व्यक्तियों के दल को सात दिनों की अवधि के लिये अंतरिक्ष में भेजना होगा जहां वे माइक्रोग्राइटी प्रयोग करेंगे।

अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने के लिए प्रस्तावित इस ‘गगनयान’ मिशन में तीन क्रू सदस्य होंगे, जो अंतरिक्ष के ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ में पांच-सात दिनों तक रहेंगे। क्रू का चयन भारतीय वायुसेना और इसरो द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। इसके बाद उन्हें दो-तीन साल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसरो ने अंतरिक्ष की यात्रा कर चुके पहले भारतीय राकेश शर्मा की भी सलाह लेने की योजना बनायी है।

गगनयान को लॉन्च करने के लिये GSLVMK-3 लॉन्च व्हिकल का उपयोग किया जाएगा, जो इस मिशन के लिये आवश्यक पेलोड क्षमता से परिपूर्ण है। इस अंतरिक्ष यान को 300-400 किलोमीटर की निम्न पृथ्वी कक्षा में रखा जाएगा।

मिशन की शुरुआत श्रीहरिकोटा से होगी। कुल कार्यक्रम की लागत 10,000 करोड़ रुपए से कम होगी।