आइआइटी कानपुर ने बिना लकड़ी के कागज निर्मित किया

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने बिना लकड़ी के इस्तेमाल से ऐसा कागज निर्मित किया है जिस पर कई बार लिखा जा सकता है। विशेष बात यह है कि इस पर लिखे शब्दों और चित्रों को सामान्य गीले कपड़े से साफ़ किया जा सकता है।

  • आईआईटी कानपुर द्वारा इस खोज का पेटेंट करा लिया है, साथ ही इसके अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट की प्रक्रिया प्रगति पर है।
  • इस कागज के निर्माण में रसायनों के अलावा पॉलीमर कोटिंग का इस्तेमाल किया गया है। 
  • वर्तमान में संस्थान में आयोजित सभी परीक्षाओं में इन्हीं कागजों का इस्तेमाल करते हुए प्रश्न-पत्रों को तैयार किया गया है। परीक्षा के बाद छात्रों से इन प्रश्न-पत्रों को वापस ले लिया जा रहा है ताकि इनका पुन: इस्तेमाल किया जा सके। 
  • इतनी अधिक संख्या में इन कागजों को साफ करने के लिये सस्ते केमिकल की खोज कर रही है। हालांकि पानी व गीले कपड़े से इस प्रिंटेड पेपर को साफ किया जा सकता है।
  • डी-प्रिंटर बनाने के लिये सिंगापुर से करार कंप्यूटर से छपे खास तरह के पेपर को साफ करने के लिये डी-प्रिंटर बनाया जा रहा है।
  • आईआईटी कानपुर और सिंगापुर के तकनीकी इंस्टीट्यूट से करार हुआ है। इसमें खास तरह की सस्ती स्याही का इस्तेमाल होगा, जो छपे हुए कागजों को फिर से साफ कर सकेगी।