अल्फोंसो आम को जीआई टैग प्रदान किया गया

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महाराष्ट्र के रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पालघर, ठाणे और रायगढ़ ज़िलों (कोंकण क्षेत्र) के अल्फांसो आम को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication- GI) टैग प्रदान किया गया है। अलफांसों आम को फलों का राजा माना जाता है तथा महाराष्ट्र में इसे ‘हापुस’ नाम से भी जाना जाता है।

इसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में न केवल अपने स्वाद के लिए बल्कि सुगंध और जीवंत रंग के लिए भी मांग है। यह लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय फल में से एक रहा है और इसे जापान, कोरिया और यूरोप समेत विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता है।

एक भौगोलिक संकेत या जीआई टैग उन उत्पादों को दिया जाता है जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और उस उत्पत्ति के कारण उसकी गुण या प्रतिष्ठा होती है। इस तरह का दर्जा गुणवत्ता और विशिष्टता की मान्यता है जो अनिवार्य रूप से परिभाषित भौगोलिक इलाके में इसकी उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार है। जैसे- दार्जिलिंग की चाय, जयपुर की ब्लू पोटरी, बनारसी साड़ी, तिरुपति के लड्डू, मध्य प्रदेश का कड़कनाथ मुर्गा तथा महाराष्ट्र स्थित सांगली की हल्दी कुछ प्रसिद्ध GI टैग हैं।

ध्यान देने योग्य है कि भारत सरकार ने देश में बौद्धिक संपदा अधिकारों (intellectual property rights – IPRs) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये भौगोलिक संकेतकों हेतु एक लोगो और टैगलाइन लॉन्च की है। लोगो के नीचे टैगलाइन “अतुल्य भारत की अमूल्य निधि” नीचे मुद्रित है।