अयोध्या विवाद समाधान के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति का गठन

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मुख्य न्यायाधीश श्री रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 8 मार्च, 2019 को अपने महत्वपूर्ण निर्णय में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता का आदेश दिया। मध्यस्थता हेतु तीन सदस्यीय मध्यस्थता कमेटी का गठन किया गया है।

  • कमेटी के अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एफ.एम. कल्लिफुल्ला को बनाया गया है। वहीं आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचु इसके अन्य सदस्य हैं। जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता कमेटी अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति कर सकती है।
  • मध्यस्थता की कार्रवाई फैजाबाद में होगी और यह कैमरा के सामने होगी परंतु मीडिया को इसकी रिपोर्ट करने से मना किया गया है।
    यह कमेटी मध्यस्थता के संदर्भ में चार सप्ताह में अपनी प्रगति रिपोर्ट देगी और आठ सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लेगी।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ 14 अपील दायर की गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2.77 एकड़ की भूमि को तीन पक्षोंः सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा तथा राम लला के बीच समान रूप से बांटने का आदेश दिया था।