अन्ना बर्न्स को मैन बुकर प्राइज 2018

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उत्तरी आयरलैंड की लेखिका अन्ना बर्न्स को वर्ष 2018 का मैन बुकर पुरस्कार देने की घोषणा की गई। उन्हें ‘मिल्कमैन’ नामक पुस्तक के लिए मैन बुकर पुरस्कार 2018 दिया गया। इस पुस्तक में उत्तर आयरलैंड की जातीय हिंसा को एक महिला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह पुरस्कार जीतने वाली वह उत्तर आयरिश की प्रथम लेखक/लेखिका व वर्ष 2013 के बाद पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला हैं।

अन्ना बर्न्स का जन्म उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में 1962 में हुआ था। वे वर्तमान में दक्षिणी इंगलैंड में रह रहीं हैं। बर्न्स के दो अन्य उपन्यास हैंः

  1. नो बोन्स
  2. लिटल कंस्ट्रकक्शन।

मैन बुकर पुरस्कार के तहत 50,000 पौंड की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाती है। इस वर्ष मैन बुकर पुरस्कार की 50वीं सालगिरह है। मैन बुकर पुरस्कार को मूल रूप में ‘बुकर-मैकॉनेल’ पुरस्कार के नाम से जाना जाता था।

मैन बुकर पुरस्कार यूके में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित पुस्तक के लिए प्रदान किया जाता है। पहला मैन बुकर पुरस्कार 1969 में पी-एच-न्यूबाय को दिया गया था जबकि वर्ष 2017 का पुरस्कार जॉर्ज सॉण्डर्स को ‘लिंकन इन द बार्डो’ के लिए दिया गया था।

इस पुरस्कार से सम्मानित भारतीय/भारतीय मूल के व्यक्ति हैंः सलमान रूश्दी (मिडनाइट चिल्ड्रेन), अरुंधती रॉय (द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स), किरण देसाई (द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस), अरविंद अडिगा (द व्हाइट टाइगर)।