अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस : 08 सितंबर

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प्रत्येक वर्ष 08 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष ये 52वां अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस है। इस वर्ष का विषय था –साक्षरता और कौशल विकास (Literacy and skills development)। इसका उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालना है।

साक्षरता का अर्थ:

साक्षरता सिर्फ किताबी शिक्षा प्राप्त करने तक ही सीमित नहीं होती बल्कि साक्षरता का तात्पर्य लोगों में उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता लाकर सामाजिक विकास का आधार बनाना है। साक्षरता गरीबी उन्मूलन, लिंग अनुपात सुधारने, भ्रष्टाचार और आतंकवाद से निपटने में सहायक और समर्थ है।

अफ़्रीकी देशो में साक्षरता बहुत कम है। विश्व के 10 सबसे कम साक्षर देश अफ्रीका में आते है। बुर्कीना फासो, दक्षिण सूडान, चाड, नाइजर, गीनिया, बेनिन, सियरा लिओन, इथोपिया, मोजाम्बिक, सेनेगल दुनिया के 10 सबसे कम साक्षरता वाले देश है। 

पृष्ठभूमि:

वर्ष 1966 में यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) ने शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा विश्व भर के लोगों का इस तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतिवर्ष 08 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय/ विश्व साक्षरता दिवस मनाने का निर्णय लिया था। जिसके बाद हर वर्ष 08 सितंबर को दुनियाभर में ये दिन मनाने की परंपरा जारी है।

निरक्षरता को खत्म करने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ मनाने का विचार पहली बार ईरान के तेहरान में शिक्षा के मंत्रियों के विश्व सम्मेलन के दौरान वर्ष 1965 में 08 से 19 सितंबर को चर्चा की गई थी। 26 अक्टूबर, 1966 को यूनेस्को ने 14वें जरनल कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए कहा कि हर वर्ष दुनिया भर में 08 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।

साक्षरता पुरस्कार:

इस दिवस पर यूनेस्को द्वारा अपने मुख्यालय पेरिस में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार दिए जाते हैं। इस श्रेणी में पांच पुरस्कार शामिल होते हैं:

  1. अंतरराष्ट्रीय पाठन एसोसिएशन साक्षरता पुरस्कार,
  2. नोमा साक्षरता दिवस,
  3. यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार,
  4. द मालकॉम एडीसेशिया अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार एवं
  5. यूनेस्को कन्फ़्यूशियस साक्षरता पुरस्कार।

भारत की साक्षरता दर:

अभी के आंकडों के मुताबिक भारत की साक्षरता दर 74.04% है। राज्यों के अनुसार केरल में सबसे ज्यादा साक्षरता प्रतिशत 93.91 फीसदी और बिहार में सबसे कम 63.82 फीसदी बच्चे पढ़े लिखे हैं। मिजोरम, केरल, गोवा, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा महाराष्ट्र, सिक्किम मणिपुर, असम, और उत्तराखंड भारत के 10 सबसे अधिक साक्षर राज्य है। जबकि उत्तर प्रदेश 24वे स्थान पर आता है। बिहार, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर और उड़ीसा भारत के निम्नतम साक्षर राज्य है।