अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस : 18 दिसंबर

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प्रत्येक वर्ष दुनियाभर में 18 दिसंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2018 के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस का विषय-सम्मान के साथ प्रवास (Migration with Dignity) है।

इसका उद्देश्य प्रवासी कामगारों से जुड़े आजादी के साथ काम और मानवाधिकार जैसे मुद्दे पर लोगों के विचार साझा करना हैं। इसका उद्देश्य प्रवासी कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही आगे के लिए कार्य योजना तैयार करना है।

किसी भी देश का नागरिक जब काम की तलाश में अपने देश को छोड़कर दूसरे देश में जाकर बस जाता है, तो उसे प्रवासी कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका, सऊदी या किसी और देश में जाकर वहां बस जाता है तो प्रवासी भारतीय कहा जाता है। अमेरिका, चीन, रूस, जापान समेत कुछ ऐसे देश हैं, जहां बड़ी संख्या में दुनिया भर से आए प्रवासी बसते हैं।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि विश्व में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं। रिपोर्ट के अनुसार 15.6 मिलियन से अधिक भारतीय विदेश में रहते हैं। वर्ष 2014 से अब तक 5000 से ज्यादा लोग बेहतर जीवन और संरक्षण के लिए जीवन क्षति का सामना कर चुके हैं। समस्त विश्व के नेताओं ने वर्ष 2030 तक प्रवासियों के अधिकारों के संरक्षण और मनाव तस्करी को समाप्त करने की बात कही है।

हाल ही में विश्व बैंक ने ‘माइग्रेशन एंड रेमिटेंस’ नाम की एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार अपने देश में विदेशी मुद्रा भेजने के मामले में भारतीय प्रवासी सबसे आगे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रवासी भारतीयों ने साल 2018 में 80 अरब डॉलर (57 हजार करोड़ रुपए) भारत भेजे। दूसरे नंबर पर है चीन। चीन के प्रवासियों ने 67 अरब डॉलर भेजे हैं। भारत और चीन के बाद मेक्सिको, फिलीपींस और मिस्र का स्थान है।

पृष्ठभूमि:

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 18 दिसंबर 1990 को सभी प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों और उनके परिवार के सदस्यों के संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन अपनाया गया। 4 दिसम्बर 2000 को सम्पूर्ण विश्व में बढ़ते प्रवासियों की संख्या को देखते हुए को 18 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। वर्ष 2013 के अक्टूबर माह में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन और विकास पर उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान विकास हेतु प्रवास के योगदान को पहचानने पर एक घोषणा को अपनाया।